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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। मनरेगा में अनुबंध पर काम करने वाले कनिष्ठ तकनीकी सहायक (जेटीओ)का स्थानान्तरण करने के आदेश पिछले दिनों जिला कलक्टर ने भी दिए थे। इसके बावजूद जिला परिषद ने आदेश की अभी तक पालना नहीं की। जिसके चलते एक बार फिर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ने जेटीओ के स्थानान्तरण किए जाने के आदेश जारी किए है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ने दो वर्ष पहले भी इस तरह के आदेश जारी किए थे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में आदेशों की पालना करते हुए इन जेटीओ का अन्यत्र पंचायत समितियों में तबादला कर दिया गया। किंतु बीकानेर का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पहले भाजपा की सरकार में बीकानेर में एक ही स्थान पर पिछले कई वर्षों से लगातार डटे रहे जेटीओ नहीं हटे और अब कांग्रेस की सरकार में भी कमोबेश यही स्थिति नजर आती है।

इतने पावरफुल है जेटीओ?
जानकारी के मुताबिक बीकानेर जिले में मनरेगा में अनुबंध पर काम करने वाले कई जेटीओ तो इतने अधिक पावरफुल है कि उनको उनके स्थान से हटाने वाला कोई नहीं है। ये जेटीओ वर्ष 2009 से एक ही स्थान पर डटे हुए है। इनमें से कुछ बीकानेर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़ व खाजूवाला पंचायत समितियों में लगे हुए है। अब देखने वाली बात ये है कि क्या ये जेटीओ अपने स्थान से हटते या फिर सरकारी आदेश हमेशा की तरह रद्दी की टोकरी में जाएंगे।

ये हैं आदेश
राज्य सरकार की ओर से 17 जुलाई को जिला कलक्टर को आदेश जारी किए है। जिसमें मनरेगा में अनुबंध पर काम करने वाले एक ही स्थान पर तीन साल या इससे अधिक समय तक जमे हुए जेटीओ का स्थानान्तरण करने के आदेश दिए है।