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श्रीगंगानगर। जवाहरनगर एरिया में एक सटोरिए के घर छापेमारी में डीएसटी टीम को बंधक बनाने का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना 21 फरवरी की है। हालांकि वीडियो तीन-चार दिन से ही वायरल हो रही है। इस मामले में डीएसटी प्रभारी ने तत्काल कोई मुकदमा दर्ज नहीं करवाया था। इसलिए डीएसटी प्रभारी को इस घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार मानते हुए यहां से हटाकर श्रीकरणपुर भेज दिया। टीम के कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया गया है।
मामला 4 मार्च को मीडियाकर्मियों तक पहुंचा। इससे पहले 26 से 28 फरवरी के बीच इस घटना का वीडियो वायरल कर अधिकारियों तक पहुंचाया गया। घटना इस तरह से है कि डीएसटी टीम प्रभारी संदीप खीचड़ ने हवलदार सुरेंद्र कुलडिय़ा, कांस्टेबल लखनसिंह, चंद्रप्रकाश शर्मा व कृष्ण साहू के साथ सिटी हॉस्पीटल के सामने विक्की गणेशगढिय़ा के घर छापा मारा।
इस मकान में रह रहे व्यक्ति ने अपने सहयोगियों की मदद से डीएसटी टीम को बंधक बनाकर हंगामा कर दिया। टीम के साथ धक्का मुक्की भी की गई। मकान मालिक ने इसका वीडियो बना लिया लेकिन जैसे ही उनको पता चला कि यह पुलिस टीम है तो उन्होंने सबको शांत करवाया। इसके बाद टीम से माफी मांगी और बकायदा चाय पिलाकर भेजा गया।
इस घटना की डीएसटी प्रभारी ने एसपी राजन दुष्यंत को सूचना दी। इस आधार पर कांस्टेबल कृष्ण सहू को लाइन हाजिर कर दिया गया। लेकिन इसके पांच से सात दिन बाद वीडियो भी वायरल हुआ। इसके बाद डीएसटी प्रभारी को भी हटाकर श्रीकरणपुर भेज दिया गया। इस मामले की सीओ सिटी अरविंद बैरड़ को जांच के आदेश दिए हैं।
डीएसटी प्रभारी रहे संदीप खीचड़ ने बताया कि उनके पास क्रिकेट बुकी की सूचना थी। इसलिए छापा मारा लेकिन मकान मालिक को गलत फहमी हो जाने से वीडियो बनाया गया। जब उनको पता चला कि यह पुलिस टीम है तो उन्होंने माफी मांगी। इस संबंध में एसपी साब को अवगत करवा दिया था। मुझे यहां से हटाया जाना यह प्रशासनिक व पुलिस प्रक्रिया का हिस्सा है।
जांच हो रही है। लेकिन मैं इतना ही कहूंगा कि मेरे खिलाफ साजिश के तहत वीडियो वायरल किया गया। इस संबंध में एसपी राजन दुष्यंत से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।