>



बीकानेर। जिले के श्रीडूंगरगढ़ तहसील में बिजली के करंट से अकाल मौत का शिकार हुए बिजलीकर्मी की मौत का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। अपने कार्मिक की मौत के बाद आक्रोशित हुए साथी कर्मचारियों ने सातलेरां जीएसएस पहुंचकर क्षेत्र के कर्मचारियों ने बिजली बंद की घोषणा करते हुए हाइवे 11 को जाम करने की चेतावनी दी। क्षेत्र में ठेके पर चलने वाले सभी जीएसएस बन्द होने लगे है। करीब 50 जीएसएस बंद हुए व सभी 108 जीएसएस पर कार्यरत कर्मचारी मौके पर पहुंच रहे है। इन कर्मचारियों में इस बात को लेकर रोष है कि न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण है। अनेक बार अधिकारियों व प्रशासन को चेताया। फिर भी हालात वैसे के वैसे ही है। ये कर्मचारी आज दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग के साथ मृतक साथी के आश्रित को नौकरी दिलवाने, मुआवजा देने की मांग कर रहे है। कर्मचारियों ने सप्लाई बंद का आह्वान किया है। राकेश कस्वां के पिता सहित परिजन भी मौके पर पहुंच चुके है व सीओ धर्माराम गीला, सहायक अभियंता गिरधारी लाल सिहाग भी पहुंचे है।
3 बेटियों का पिता चल बसा, हर आँख नम हुई
राकेश कस्वां की मौत से हर कोई गमगीन है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। जवान बेटे की मौत का दर्द लिये राकेश के पिता भी न्याय की गुहार लगा रहे है। राकेश के तीन बेटियां है और अपना घर चलाने के लिए ठेकेदार के सान्ध्यि में नौकरी कर रहा था। वक्त की मार से आज तीनों कन्याओं के सर से पिता का साया उठ गया। सातलेरां जीएसएस पर 5 फीडर है और रोजाना की तरह ही 4 बजे फीडर बदलने के लिए राकेश उठा और चढ़ गया अपनी अर्थी के तारों पर 6 बजे तक फीडर नहीं बदला तो किसानों ने फोन किए। फोन लगातार नो रिप्लाय हुआ तो किसान जीएसएस पहुंचे और देखा तो राकेश का शव तारों पर झूल रहा था। हर किसी का ह्रदय भावों से भर गया और ग्रामीण राकेश को न्याय दिलाने जुटने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस को व एम्बुलेंस को फोन किया। राकेश के फोन पर 120 मिसकॉल आए हुए देखें किसानों ने। विधायक महिया, जसवीर सारण, भीखाराम जाखड़, विवेक माचरा मौके पर ही डटे है व मुआवजे की मांग कर रहें है।