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बीकानेर | जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं कन्हैयालाल लखाणी ने राज्य सरकार द्वारा कृषि प्रसंस्करण प्रयोजनार्थ राज्य से बाहर से आयातित देय बकाया मंडी शुल्क में सम्पूर्ण छूट दिलाने बाबत जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला को सौंपा | साथ ही पचीसिया ने वित्त सचिव निरंजन आर्य, डॉ. पृथ्वी एवं कृषि विपणन निदेशक ताराचंद मीणा से मुलाक़ात कर पुराने कृषि आधारित उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार जहां एक और नए उद्योगों के लिए विभिन्न छूटें घोषित कर रही है इसी तरह पुराने उद्योगों के लिए भी विशेष पैकेज लाये जाने चाहिए ताकि पुराने उद्योग भी प्रतिस्पर्द्धा में टिक सके | माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय ने रिमांड की गई अपीलों में से कुछ याचिकाएं निर्णित करते हुए आदेश दिया कि राज्य सरकार एक कमेटी का गठन करे तथा कमेटी प्रत्येक बिलों के आधार पर जिन बिलों के आधार पर माल की खरीद राज्य से बाहर पूर्ण हो चुकी है उन्हें मंडी टेक्स में छूट प्राप्त होगी तथा जिस माल की सेल राज्य के बाहर पूरी नहीं हुई है तथा माल की डिलेवरी विक्रेता द्वारा राज्य के अंदर जिस मंडी क्षेत्र में की गई है उस पर मंडी शुल्क देय होगा | तत्कालीन सरकार द्वारा सन 2005 से मंडी शुल्क में प्राप्त छूट को बंद कर दिया गया था और अब वर्तमान सरकार द्वारा मंडी शुल्क पर 50 प्रतिशत छूट से राहत देने का आदेश जारी किया है जबकि वर्तमान में कृषि आधारित उद्योगों की दयनीय स्थिति को देखते हुए यह छूट शत प्रतिशत होनी चाहिए थी ताकि पुराने कृषि आधारित उद्योगों की स्थिति में सुधार लाया जा सके | कृषि मंडी समिति के अधिनियम की धारा 40 के अंतर्गत मंडी शुल्क में राज्य सरकार को छूट देने का प्रावधान है |