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बीकानेर. राजस्थान के युवाओं के लिए खुशखबरी है। अब युवा सोलर सिस्टम को इंस्टॉल करना, कनेक्ट करना, मेनटेन करना तथा फॉल्ट आदि ढूंढ कर ठीक करना सीख सकते है। इससे प्रदेश में युवाओं को रोजगार की संभावना भी बढ़ेंगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार (एमएसएमई) की ओर से ए स्कीम फॉरा प्रोमोशन ऑफ इनोवेशन रूरल इंडस्ट्री एंड एन्टरप्रेन्योरशिप के तहत प्रदेश के एकमात्र इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर को सोलर सिस्टम का प्रोजेक्ट दिया गया है। इस प्रोजेक्ट की ग्रांट भी भारत सरकार ने 50 लाख रुपए जारी कर दिए है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इनक्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) में सोलर ट्रेनिंग सेंटर खोला गया।
<श्च>इस ट्रेनिंग से युवा सोलर सिस्टम के बारे में जानेंगे। पहले तो युवा सोलर सिस्टम को देख लेते थे, लेकिन अब सोलर सिस्टम को खोलकर उनके पाटर््स देखकर, उनको ठीक करना सीख सकते है। इससे पूरे राजस्थान के युवाओं को फायदा होगा। पश्चिमी राजस्थान में सोलर सिस्टम को बहुत संभावनाएं है। इससे पश्चिमी राजस्थान के युवा सोलर सिस्टम सीखकर स्वयं ही अपना स्टार्टअप कर सकते है।
युवा यह सीखेंगे सोलर पैनल इंस्टालेशन
सोलर लाइट इंस्टालेशन सोलर पंप इंस्टालेशन व मेनटेन, फ ाल्ट फ ाइंडिंग
एलइडी लाइट इंस्टालेशन
यह कर सकते है आवेदनइस ट्रेनिंग सेन्टर में ट्रेनिंग के लिए योग्यता रखी गई है। इनमें 12वी पास या आईटीआई होना चाहिए। इसके लिए युवा ट्रेनिंग सेन्टर की वेबसाइट परजा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
200 घंटे की होगी ट्रेनिंग
सोलर सिस्टम की युवाओ की 200 घंटे की ट्रेनिंग होगी। यह ट्रेनिंग सेन्टर तीन साल तक चलेगा। एक साल में आठ बैच लगाए जाएंगे। इन बैचों में 30 स्टूडेंट ही होंगे। इन बैच का समय दोपहर 1 से 4 बजे तक रहेगा। तीन साल तकइस ट्रेनिंग सेंटर में 700 से 800 युवा ट्रेनिंग ले सकेंगे।
यह होगी फ ीस, सेन्टर में होंगे शामिल इस सोलर ट्रेनिंग सेन्टर में प्रत्येक विद्यार्थी से 4500 रुपए लिएा् जाएंगे। इस ट्रेनिंग सेन्टर में दो फैकल्टी व दो टेक्निशियन शामिल होंगे। जो युवाओं को सोलर सिस्टम के बारे बताएंगे
इनका कहना है
एक अप्रैल से विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिंग सेन्टर चालू होगा। फ रवरी के अंत में ट्रेनिंग का सारा सामान आ जाएगा। मार्च में यह सेन्टर तैयार होजाएगा मनोज कुरी, कुलसचिव, इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर