बीकानेर। अपने शैशव काल में ही दम तोड़ चुकी नवजीवन योजना की फाइलों से एक बार फिर सरकार ने धूल छंटवाई है। सरकार ने मृत प्राय: इस योजना में फाण फूंकते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर योजना से जोडऩे के निर्देश दिए हैं। खासकर योजना से जुड़ सकने की पात्रता रखने वाले विद्यार्थियों को विशेष सुविधाएं देने के आदेश जारी किए है।
यह है नवजीवन
प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से वर्ष 2015 में नवजीवन योजना शुरू की थी। इसके तहत अवैध शराब के निर्माण, भण्डारण, विक्रय में लिप्त समुदायों/परिवारों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक रुप से विकास तथा पुनर्वास उपलब्ध कराना था। खासकर इस व्यवसाय में लिप्त कामकारों को अन्य रोजगार से जोड़ते हुए उनके बच्चों को बेहतर से बेहतर शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने थे। लेकिन, यह योजना शुरूआत में दम तोड़ गई। लेकिन, एक बार फिर प्रदेश सरकार ने इस योजना को गति दी है।
प्रवेश में वरीयता, छात्रवृत्ति भी..
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक ने शासन सचिव के निर्देश पर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इसके तहत पात्र परिवारों के चिन्हित एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित किए जाने के निर्देश किया है। उक्त बच्चों को विभागीय छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में प्राथमिकता से प्रवेश देने, आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेशित 25 फीसदी सीटों पर वरीयता देने, राजकीय शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत उक्त बच्चों को एक शैक्षिक सत्र के लिए दो हजार रुपए परिवहन भत्ता देने के निर्देश दिए हैं। आदेशों में पात्र विद्यार्थियों को चिन्हित कर पालना रिपोर्ट मांगी है।
बैंकों से ऋण भी….
योजना में शराब व्यवसाय में लिप्त समुदाय एवं परिवारों को आजीविका के लिए अन्य रोजगारों के लिए तीन माह के कौशल उन्नयन प्रशिक्षण से जोड़कर स्वरोजगार के लिए बैंकों से रियायती दर पर ऋण स्वीकृत कराने का भी प्रावधान है।