बीकानेर। विद्यालय में सुरक्षा को लेकर अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय गंभीर हो गया है और उसने शिक्षा विभाग को निर्देश देकर सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए डिस्पले बोर्ड लगाने को कहा है। इस बोर्ड पर सुरक्षा से संबंधित जानकारी देनी होगी। इसके तहत विद्यार्थियों को शारीरिक दण्ड, मानसिक प्रताडऩा, शारीरिक हिंसा, लैंगिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक हिंसी से बचाना संबंधित जानकारी होगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 500 रुपए दिए जाएंगे।

ऐसा होगा डिस्पले बोड
स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत स्कूलों में डिस्पले बोर्ड लगाए जाएंगे। यह बोर्ड स्कूल की दीवार पर बनाया जाएगा, जो 6 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा होगा। इस पर ऑयल पेंट से लिखाया जाएगा। बेस का रंग हल्का आसमानी और अक्षरों का रंग गहरा नीला होगा। प्रदेश के सभी स्कूलों को 28 फरवरी तक डिस्पले बोर्ड तैयार कराने होंगे। सभी स्कूल इसके लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद को देंगे।

ये जानकारी होगी बोर्ड पर
डिस्पले बोर्ड पर लिखना होगा स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बाल सुरक्षा। आपातकालीन फोन नंबर, संस्था प्रधान का नाम, बाल सुरक्षा प्रभारी दो शिक्षकों के नाम जिनमें एक महिला होगी। स्थानीय पुलिस थाने के नंबर, पुलिस कंट्रोल रूम, एम्बूलेंस, गरिमा हेल्प लाईन, चाइल्ड हेल्प लाईन और स्थानीय चिकित्सालय के नंबर लिखने होंगे।बोर्ड पर विद्यार्थियों के लिए जानकारी दी जाएगी, जिसमें बताया जाएगा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति स्कूल में दिखे तो शिक्षक को इसकी जानकारी दें, स्कूल से बाहर जाते समय उसकी जानकारी शिक्षक व अभिभावकों को देकर जाएं, कोई व्यक्ति गलत तरीके से छुए तो उसकी भी जानकारी दें। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि विद्यार्थी क्या नहीं करें। विद्यार्थी किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेले नहीं जाएं। अनजान से टॉफी,चाकलेट आदि नहीं लें। कोई परेशानी हो तो शिक्षक और परिजनों को जरूर बताएं।

शिक्षक-अभिभावक भी ध्यान दें
बच्चा कुछ बताए तो बिना कोई प्रतिक्रिया दिए उसकी बात ध्यान से सुनें, बच्चे पर दोषारोपण नहीं करें उस पर विश्वास करें, बच्चे को बहादुर बताने हुए उसकी प्रशंसा करे, बच्चे का साथ दें, उसे पीडि़त या अपराधी होने का अहसास न होने दें।