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जयपुर। राज्य में अब कृषि उपज मंडी समितियों के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई है। इसके लिए कृषि विपणन निदेशालय नए क्षेत्राधिकार का ब्यौरा जुटा रहा है। सभी मंडी समितियों को अपने यहां की ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के बाद बनी स्थिति का विवरण देने का कहा गया है। जानकारों के अनुसार राज्य की 144 मंडी समितियों में से 137 में चुनाव लगभग तीन साल से नहीं हुए। राज्य में जैतसर, हनुमानगढ़ सहित सिर्फ 7 मंडी समितियों में ही निर्वाचित बोर्ड काम कर रहा है। मंडी समितियों की नई सीमा के लिए अधिसूचना ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की वर्तमान स्थिति निदेशालय पहुंचने के बाद जारी होगी।
उल्लेखनीय है कि मंडी समितियों में निर्वाचन वर्ष की एक जनवरी तक के लाइसेंसी मतदान में भाग ले पाते हैं। ऐसे में जिन हमाल, मजदूरों, व्यापारियों आदि के नए लाइसेंस एक जनवरी तक बनेंगे या निर्धारित अवधि तक नवीनीकृत होंगे, वे अपने वर्ग के लिए मतदान में भाग ले पाएंगे। निदेशालय के निर्देश के बाद सभी मंडी सचिवों को पुनर्गठन संबंधी सूचना शीघ्र भिजवाने का कहा है।
अध्यक्षों के लिए यूं हुआ था आरक्षण
राज्य की कृषि उपज मंडी समितियों के अध्यक्षों के लिए जयपुर में अगस्त 2016 में आरक्षण की लाटरी निकाली गई थी। जिसमें अनुसूचित जाति महिला के लिए नोखा,अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए बीकानेर अनाज,अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए श्री डूंगरगढ़, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए बीकानेर फल एवं सब्जी,सामान्य वर्ग के लिए खाजूवाला, सामान्य वर्ग महिला के लिए लूणकरणसर मंडियों को आरक्षित किया गया था, अब नए सिरे से आरक्षण के कयास लगाए जा रहे हैं।