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बीकानेर। शिक्षक व कार्मिकों को अब स्कूल व कार्यालय समय पर उपस्थित रहना होगा। कहीं जाना भी होगा तो संबंधित से पहले स्वीकृति लेनी भी होगी। यह नई व्यवस्था विभाग में एक जनवरी से ही लागू होनी थी, लेकिन विभाग की लापरवाही से यह अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने आदेश जारी तत्काल प्रभाव से इस व्ययवस्था के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए है। फिलहाल शिक्षकों को रजिस्टर में पहले की भांति अपनी उपस्थिति दर्ज करनी ही होगी। उनकी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में डीईओ व ग्रामीण क्षेत्र में पीईईओ की रहेगी। जो शाला दर्पण पोर्टल पर जब लॉगिन करेगा तो उसके अधीन सभी स्कूलों के समस्त शिक्षक-कर्मचारियों के नामों की लिस्ट खुल जाएगी। सबके सामने उपस्थित लिखा हुआ होगा। अगर किसी शिक्षक ने उस दिन के लिए पहले ही अवकाश के लिए आवेदन कर रखा है तो उस शिक्षक के सामने अवकाश लिखा होगा। संस्था प्रधान को केवल अनुपस्थित शिक्षक के सामने अनुपस्थित लिखना होगा। यह रिपोर्ट उसक ो प्रतिदिन भरनी होगी। एडीईओ सुनील बोड़ा ने बताया कि विभाग की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था सही तरीके से लागू हो जाएगी तो सभी शिक्षक अनुशासन में रहेंगे। तथा शिक्षकों से जुड़ी हुई हर गतिविधियां विभाग के उच्च अधिकारियों की नजर में रहेगी।
छुट्टी निरस्त करने का कारण भी लिखेंगे शिक्षा अधिकारी
पोर्टल पर स्टाफ कार्नर में अवकाश का ऑप्शन होगा। इस पर क्लिक करते ही अवकाशों की सूची आ जाएगी। इसमें से अवकाश पर क्लिक करना होगा। इसके बाद वह कब से कब तक अवकाश लेगा। अवकाश के दिनों की कुल अवधि कितनी होगी। वह आधे दिन का अवकाश ले रहा है या पूरे दिन का। संबंधित शिक्षाधिकारी को सम्बन्धित शिक्षक का अवकाश निरस्त करने का अधिकारी भी होगा। लेकि न अवकाश निरस्त करने का कारण बताना होगा। इससे पहले शिक्षक मौखिक तौर पर ही अवकाश लेते थे। कई बिना विभाग के अधिकारियों को बिना बताए ही अवकाश ले लेते थे।
इस तरह से होगा ऑनलाइन उपस्थिति
शहरी क्षेत्र के संस्था प्रधान शिक्षकों की ऑफ लाइन उपस्थिति लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी देंगे। जबकि पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी के अधीन सभी विद्यालयों संस्थान प्रधान शिक्षकों क ी ऑफ लाइन उपस्थिति लेकर यह जानकारी पीईईओ को देंगे। इसके बाद शिक्षा अधिकारी शाला दर्पण पोर्टल ओपन करने पर वांछित विद्यालय पर क्लिक करने पर विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षक व अन्य कार्मिकों के नाम आवश्यक विवरण सहित प्रदर्शित होंगे। डीईओ व पीईईओ द्वारा कार्मिकवार उपलब्ध ड्राप डाउन मेन्यू में उपस्थित, अवकाश, यात्रा, अनुपस्थित व अन्यत्र ड्यूटी का चयन कर वस्तुस्थिति अ ंकित की जा जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के बाद ‘ऑल स्टाफ अटेंडेन्स सेवड् सक्सेसफुलीÓ का संदेश उपस्थिति कॉलम हरे रंग का हो जाएगा। जिसके पश्चात उपस्थिति में किसी प्रकार से स ंशोधन संभव नहीं होगा। हालांकि इस व्यवस्था के अनुरूप ऑनलाइन की उपस्थिति अभी विद्यालय के समय तक कभी भी कर सकते है। लेकिन धीरे-धीरे समयावधि भी लागू की जाएगी।
सही तरीके से व्यवस्था लागू हुई तो शिक्षकों की मनमानी पर लगेगी लगाम
गौरतलब है कि कई शिक्षक अपने कर्तव्यों से विमुख होते जा रहे है। कई शिक्षक तो अधिकांशत: पहुंचते ही नहीं है, जबकि कभी भी विद्यालय पहुंचते है उस समय एक साथ कई दिनों की उपस्थिति अंकित कर देते है। तथा कई ऐसे भी शिक्षक है जो शिक्षक की भूमिका के पीछे अन्य काम-काज में लिप्त है। जानकारों की माने तो यह व्यवस्था पूर्णतया: लागू होने पर शिक्षक व कार्मिकों द्वारा उपस्थिति में किए जा रहे फजीवाड़े पर रोक लग सकेगी। कई बार ऐसी शिकायतें आती है कि छुट्टी लेकर भी कार्मिक कई बार अपनी उपस्थिति फर्जी तरीके से दर्ज करा देते है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सबसे अधिक गड़बड़ डयूटी लीव को लेकर होती थी। अब इस पर भी सख्ती होगी।
शिक्षक संघ करेंगे विरोध
उधर शिक्षा विभाग के ऑनलाइन उपस्थिति प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विरोध के स्वर गुंजने लगे है। अधिकांश शिक्षक संघों ने शिक्षा विभाग के नवाचार को गलत बताया है। उनका मानना है कि अनेक बार व्यक्ति अनायास काम होता है और हालात ऐसे नहीं होते कि उन्हें संस्था प्रधान को सूचना का समय मिले। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश मंत्री रवि आचार्य का कहना है कि खाली एक विभाग में नवाचार करना जायज नहीं है। शिक्षक संघ इसका विरोध करेगा। वहीं शिक्षक संघ भगतसिंह के किशोर पुरोहित ने बताया कि संस्था प्रधानों के पास पहले से ही इतना वर्कलोड है,फिर विभाग के इस तरह के निर्णय कही न कही शिक्षकों को परेशान करने वाले है। शिक्षक इसका विरोध करेंगे।