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खुलासा न्यूज़, बीकानेर/ श्रीडूंगरगढ़ । आर्थिक युग में टूटते परिवारों को और अधिक दूरियां बढ़ाने का काम जमीन का लालच कर रहा है। लगातार सामने आ रहे भूमि विवाद में परिवारों के झगड़े के प्रकरणों में एक प्रकरण और जुड़ गया है। तहसील के गांव बिग्गाबास रामसरा में खेत की सींव काटने के विवाद में चाचा और ताऊ के परिवार आपस में भीड़ गए। थानाधिकारी सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि एक पक्ष की ओर से 60 वर्षीय कानाराम जाट ने खेत पड़ौसी व अपने छोटे भाई दुलाराम के पुत्र रायकरण, पुत्री विमला, संतू, बसंती, रामकन्या और रामप्रताप, संतरा आदि के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। जिसमें कानाराम ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी भंवरी एवं बहू सुलोचना के साथ रविवार दोपहर खेत गया तो देखा कि खेत की उत्तरी दिशा की सींव काटी हुई थी। इस पर पडौसियों को खेत की सीवं काटने का उलाहना दिया तो आरोपियों ने एकराय होकर हमला कर दिया एवं लाठियों से तीनों को पीटा। वहीं दूसरी और 22 वर्षीया बसंती ने अपने ताऊ कानाराम, ताऊ के बेटे भाई राजेन्द्र, रामगोपाल, रामरतन, भाभी सुलोचना के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। इसमें बसंती ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां केसरीदेवी के साथ रविवार को अपना खेत बुवाई के लिए गई तो आरोपियों ने एकराय होकर उन पर हमला कर दिया। बसंती ने आरोपियों पर थाप मुक्कों व लाठियों से मारपीट करने एवं खेजड़ी के पेड़ से बांध कर जान से मार देने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनो पक्षों की और से मामले दर्ज कर दोनो और से हुए घायलों का मेडिकल करवाया है।