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बीकानेर। प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज तो खोल दिए गए, लेकिन उनमें शिक्षकों व प्राचार्यों के पद ही रिक्त पड़े है। प्रदेश में कुल 292 कॉलेज है और इनमें से 290 का संचालन हो रही है। यहां पर केवल 25 कॉलेज में ही प्राचार्य नियुक्त है और 267 कॉलेजों में प्राचार्य के पद रिक्त चल रहें हैं। जिले में भी एक भी राजकीय सरकारी क ॉलेज में स्थाई प्राचार्य नहीं है। वर्तमान में प्राचार्य के 292 पद स्‍वीकृत है तथा 32 उपाचार्य कार्यरत है। उपाचार्य संवर्ग मृत संवर्ग होने के कारण नियमानुसार शेष पद समाप्‍त हो चुके है। महा‍विद्यालयों में प्राचार्य के 267 पद रिक्‍त है तथा राजस्‍थान शिक्षा सेवा (महाविद्यालय शाखा) नियम, 1986 में संशोधन की अधिसूचना दिनांक 31.01.2018 में विहित प्रावधानों के अनुसार उपाचार्य संवर्ग मृत संवर्ग होने के कारण उपाचार्य का कोई भी पद रिक्‍त नहीं है। उक्‍त नियम, 1986 में संशोधन की क ार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से, विभागीय पदोन्‍नति समिति की बैठक आयोजित नहीं होने के कारण प्राचार्य के पद रिक्‍त है। प्राचार्य के रिक्‍त पदों को विभागीय पदोन्‍नति समिति की बैठक आयोजित कर भरा जाएगा और उपाचार्य संवर्ग मृत संवर्ग होने के कारण उपाचार्य का कोई भी पद रिक्‍त नहीं है।
इन कॉलेज में ही नहीं प्राचार्य
राजकीय महाविद्यालय डूंगर महाविद्यालय,राजकीय एम एस महाविद्यालय,राजकीय महाविद्यालय कोलायत,लूणकरणसर,श्रीडूंगरगढ़,बज्जू,नोखा,खाजूवाला में कार्यवाहकों से काम चलाया जा रहा है। उधर राजकीय विद्यि महाविद्यालय में भी स्थाई प्राचार्य नहीं है। ऐसे में कामकाज प्रभावित हो रहे है।