ऊंट उत्सव के दौरान मेले सा हो माहौल
बीकानेर। ऊंट उत्सव में बीकानेर की हस्तकलाओं को अन्र्तराष्ट्रीय पटल पर पहचान मिले, इसके लिए स्थानीय हस्तकला उत्पादों का व्यापक प्रदर्शन किया जाये।  जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ऊंट उत्सव 2020 को लेकर आयोजित बैठक में कहा कि इस बार डाॅ.करणी सिंह स्टेडियम में पर्यटकों को ऊंटों के विभिन्न करतब दिखाने के साथ-साथ इस उत्सव को मेले का स्वरूप प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी  11 व 12 जनवरी को होने वाले इस उत्सव में डाॅ.करणी सिंह स्टेडियम में स्थानीय हस्तकला, उस्ता आर्ट प्रोडक्ट, मीनाकारी, होजयरी और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की स्टाॅल लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इससे इन समूहों को अपने उत्पाद विक्रय करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्सव स्थल पर युवाओं को आकर्षित करने के लिए आर्मी के हथियारों को प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस दौरान पैरासिंलिंग का प्रदर्शन भी किया जाए। उन्होंने कहा कि इस उत्सव को बहुरंगी बनाने के लिए पर्यटन विभाग प्रयास करें। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्सव के दौरान जूनागढ़ पर लाइटिंग की जाए। उन्होंने जूनागढ के सामने की रोड पर यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए नो जोन ट्रैफिक रखने के निर्देश दिए और कहा कि पैदल चलने वालों को ही इस मार्ग पर प्रवेश दिया जाए।
हेरिटेज वाॅक- जिला कलक्टर ने कहा की हेरिटेज वॉक की सड़क को ठीक करवाया जाए। रोड पर कहीं पर भी खड्डे नहीं होने चाहिए। यह इलाका साफ सुथरा और सुंदर दिखना चाहिए। नगर विकास न्यास व पीडब्ल्यूडी विभाग यह सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हैरिटेज वाॅक में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अच्छा तो यह रहेगा कि सभी लोग बीकानेर संस्कृति से जुड़ी वेशभूषा पहनकर इसमें शामिल हो। हैरिटेज वाॅक में शामिल पर्यटकों का स्वागत भी जगह-जगह किया जाए। उन्होंने कहा कि इस दौरान बीकानेर कीे प्रसिद्ध हवेलियांे, मार्गो के साइनेज लगाए जाए, ताकि पर्यटकों को जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का समापन स्थल लक्ष्मीनाथ मंदिर में किया जाए तथा यहां पर भक्तिगीतों पर आधारित कार्यक्रम रखा जाए।
ऊंट दौड़ व अश्व दौड़ का हो आयोजन- गौतम ने कहा कि राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र में होने वाली ऊंट दौड़ के पश्चात राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र में अश्वों की दौड़, विभिन्न अश्व नस्लों का प्रदर्शन, विक्टोरिया बग्गी सवारी, तांगा सवारी, घुड़सवारी, विभिन्न झूलों के उपयोग के कार्यक्रम आयोजित करवाए जाए।

लाइट एवं साउण्ड शो का होगा आयोजन– जिला कलक्टर ने ऊंट उत्सव के दौरान सूरसागर में लाइट एण्ड साउण्ड की व्यवस्था की समीक्षा की और नगर विकास न्यास सचिव को निर्देश दिए कि इस संबंध में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लाइट एवं साउण्ड सिस्टम के लिए निविदा की कार्यवाही समय रहते पूरी करें। उन्होंने कहा कि लाइट एवं साउण्ड शो सप्ताह में दो दिन हो, इसके लिए कार्य योजना बनाई जाए।

सांस्कृतिक संध्या- उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्तरीय कलाकारों को आमंत्रित करने पर जोर दिया और कहा कि वेस्ट जोन, नोर्थ जोन के कलाकारों के अलावा राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति दिलाई जाए।बैठक में पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक कृष्ण कुमार पूनिया ने बताया कि ऊंट उत्सव से पूर्व 9 जनवरी की शाम 6 बजे सूरसागर में लाइट एण्ड साउण्ड शो तथा 10 जनवरी की शाम 7 बजे श्री डूंगर सिंह जी की स्टेच्यु परिसर में संगीत संध्या का आयोजन होगा, जिस में अमित एवं असित गोस्वामी का सितार व सरोद वादन की प्रस्तुति दी जायेगी।

ऊंट उत्सव के दौरान ये होंगे कार्यक्रम- पर्यटकों के लिए 11 जनवरी 2020 को लिए निःशुल्क कैमल सफारी एवं कैमल राईड में ग्राम रायसर में, शोभायात्रा जूनागढ़ से डाॅ. करणीसिंह स्टेडियम तक, ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता, ऊंट बाल कतराई प्रतियोगिता, ऊंट नृत्य प्रतियोगिता, मिस मरवण प्रतियोगिता  मि. बीकाणा प्रतियोगिता, राजस्थान एवं विभिन्न अंचलों के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जायेगी।
इसी प्रकार 12 जनवरी को हैरिटेज वाॅक रामपुरिया हवेली से लक्ष्मीनाथ जी मंदिर तक पुराने शहर में, ऊंट दौड प्रतियोगिता नेशनल कैमल रिर्सच सेन्टर में तथा अश्व अनुसंधान केन्द्र में अश्व से संबंधित कार्यक्रम आयोजित होगा।
डाॅ.करणी सिंह स्टेडियम में ही ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता में पुरूष रस्साकशी प्रतियोगिता भारतीय/विदेशी पुरूष, महिला रस्साकशी प्रतियोगिता भारतीय/विदेशी महिला, ग्रामीण कुश्ती प्रतियोगिता, महिला मटका दौड प्रतियोगिता एवं ऊंट नृत्य प्रदर्शन, साफा बांध प्रतियोगिता                    (विदेशी पर्यटकों के लिए), राजस्थान एवं विभिन्न अचंलों के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अग्नि नृत्य, आतिशबाजी प्रदर्शन किया जायेगा।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चैधरी, नगर विकास न्यास सचिव मेघराज सिंह मीना, उपखण्ड अधिकारी रिया केेजरिवाल, राष्ट्रीय ऊंष्ट्र अनुसंधान केन्द्र के निदेशक राजेश कुमार सावल, सहायक पर्यटन अधिकारी पवन कुमार शर्मा, एडीईओ सुनील बोडा सहित विभिन्न विभागों अधिकारी उपस्थित थे।