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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। कोरोना अलर्ट के चलते मुख्यमंत्री द्वारा स्कूल-कॉलेज, जिम आदि बंद किये जाने के आदेश के बाद बीकानेर में कॉलेज प्रबंधकों के सामने कई समस्याएं उभर कर आई है। इस समस्याओं का समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े कॉलेज डूंगर व एम.एस. व विधि कॉलेज में में प्रदेशभर के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। ऐसे में प्रदेश भर के विद्यार्थी परीक्षा देने यहां आएंगे। इस स्थिति में परीक्षा में ड्यूटी देने वाले वीक्षक अपनी ड्यूटी लगाने से कतरा रहे है। यह इसलिए कि देशभर में कोरोना अलर्ट है, यहां परीक्षा देने हर जगह से विद्यार्थी आएंगे, लेकिन इनके लिए मास्क उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। मजे की बात तो यह है कि इस तरह की ना तो चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने कोई व्यवस्था की है और ना ही यूनिवर्सिटी ने। ऐसे में कॉलेज प्रबंधकों के सामने यह बड़ी समस्या उभरी है। इन सब को मध्य नजर रखते हुए सरकार को नई गाईडलाइन बनाने की जरूरत है। बता दें कि बीकानेर जिले में करीबन करीबन 10 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल हैं और हर तहसील में राजकीय महाविद्यालय है, जहां प्रदेशभर के छत्र-छात्राएं अध्ययनरत है।

परीक्षा नियंत्रक डां. खीचड़ ने कहा निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थिति हो विद्यार्थी
कोरोना वाइरस के कारण राज्य सरकार द्वारा स्कूल व कॉलेजों में अध्यापन कार्य स्थगित कर दिया गया है तथा परीक्षा आयोजन को यथावत रखा गया है। किन्तु कुछ लोगों द्वारा यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। इस सम्बंध में स्पष्ट किया जाता है कि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की परीक्षाएं घोषित समयसारिणी के अनुसार ही अयोजित होंगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जसवंत सिंह खीचड़ ने विद्यर्थियों से अनुरोध है कि किसी अफवाह पर भरोसा नहीं करें एवं निर्धारित तिथि व समय पर परीक्षा में उपस्थित हों।

आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
शिक्षा निदेशक के नाम वायरल मैसेज ने आज सुबह हड़कंप मचा दिया था। इस फेक आदेश के मामले को लेकर बीछवाल पुलिस थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।