खुलासा न्यूज,बीकानेर।नोटबंदी, जीएसटी और फिर एक लंबा लोकडाऊन ने व्यापार व व्यवसाय की कमर तोड़ दी है इन सबके दुष्प्रभाव से व्यापारी व उद्यमी अभी तक उबर नहीं पाए हैं कि सरकार ने पहले से ही त्रस्त व्यापार व उद्योग को और परेशान करने वाला एक और तुगलकी प्रावधान 1 अक्टूबर से 10 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर बताने वाले कारोबारियों पर थोपा जा रहा है। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया, कानूनी सलाहकार एडवोकेट गणेश शर्मा, दिलीप रंगा व जुगराज दफ्तरी ने बताया कि नए नियम के अनुसार यदि कोई कारोबारी किसी अन्य कारोबारी या ग्राहक को 50 लाख से अधिक का माल विक्रय करता है और क्रेता पैन धारक है तो उसे बिल पर 0.1 फीसदी काटकर और क्रेता पैन धारक नहीं है तो बिल पर 1 प्रतिशत टीसीएस आयकर विभाग में रिटर्न चालान के साथ जमा करवाना होगा। अप्रेल से सितंबर माह में बीके माल पर यह टीसीएस नहीं कटेगा। लेकिन यदि 1 अक्टूबर 2020 के बाद 50 लाख की सीमा पार हो जाती है तो यह टीसीएस लेना होगा। टीसीएस की राशि कारोबारी को आयकर के खाते में जमा करवानी होगी और यह राशि कारोबारी के अलग रिटर्न में समायोजित होगी और इस प्रक्रिया में 1 से 2 साल का समय लगना सामान्य है ऐसे में कारोबारी की पूँजी भी अटक जायेगी। पूर्व में जीएसटी और अन्य तरह के टेक्स उद्योग एवं व्यापार को काफी नुकसान दे चुके हैं और वर्तमान में जारी इस कोरोना महामारी के समय में सरकार द्वारा नए प्रावधान लाकर मध्यम स्तर के उद्योग धंधों को बंद करने पर मजबूर कर दिया है और बीकानेर जिला उद्योग संघ इस प्रावधान के लिए पूरजोर तरीके से विरोध करता है।