बीकानेर। यूआईटी को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली मुरलीधर व्यास कॉलोनी पिछले कई सालों से विकास को तरस रही है। जन सेवा मोहल्ला विकास समिति के पुरुषोत्तम  ने बताया कि शहर के नजदीक होने के बावजूद कॉलोनी में हालात ऐसे है कि सुविधाओं के अभाव में लोगों को गांवों जैसा जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि समस्याओं को लेकर यूआईटी एवं नगर निगम को कई लिखित शिकायतें भी की जा चुकी है। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते यहां कोई विकास कार्य नहीं हो पा रहा। उन्होंने मांग की कॉलोनीवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रुके हुए कार्यों को शुरू किया जाए एवं अन्य जरूरी मांगों का निर्माण कर राहत पहुंचाई जाए।
कॉलोनी में इनकी है कमी
मुरलीधर व्यास कॉलोनी में पानी की टंकी के पास के पार्क में 1 साल पहले नगर विकास न्यास ने लाइटें व नये पोल लगवाए थे वहां के निवासियों ने उस समय के नगर विकास न्यास के अध्यक्ष को मना किया था कि यह पार्क उजड़ा हुआ है आप उसे कॉलोनी के दूसरे पार्क में लगा दो, जहाँ आबादी है और अधेरा व्याप्त है। लेकिन बात को अनसुनी कर दिया गया। लाखों रूपयों की बर्बादी उस पार्क पर ये लाइटें लगाकर की गई। अब हालत यह है कि 5 पोलो पर लाइटें ही नहीं है। आधे से Óयादा लाइटें तोड़ दी गई। पार्क में गंदगी का आलम है। जल ही जीवन है प्रतिदिन हजारों गेलन पीने योग्य पानी बर्बाद हो रहा है। पार्क पानी से भरा पड़ा है। जगह जगह गड्डे पड़े, गन्दगी पड़ी है। पार्क आवर पशुओं व समाजकंटकों का अड्डा बना हुआ है। इसी तरह खाली पड़े प्लाट में झाडिय़ा ही झाडिय़ा व म’छरों के साम्राÓय बना हुआ। नाले जगह जगह से गन्दगी से अटे पड़े है। पास में रहने वालों का गन्दगी व म’छरों के कारण रहना मुश्किल हो गया है। कुछ प्लॉट में में पेड़ उतने बड़े हो गए है कि तारों से आपस मे टकरा गये है। कभी भी हादसा हो सकता है। नालों की सफाई न होने के कारण चारों तरफ म’छर ही म’छर व्याप्त है।