-करोड़ों की वसूली का लक्ष्य, चार माह में लाखों की वसूली भी नहीं हुई
बीकानेर।नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) वसूली में फिसड्डी साबित हो रहा नगर निगम प्रशासन बड़े बकायादारों पर मेहरबानी करने में लगा हुआ है, जबकि एक, दो लाख रुपए तक के बकायादारों पर कड़ी कार्रवाई कर रहा है। वहीं निगम के क ुछ अधिकारी कई बड़े रसूखात वाले लोगों की बकाया राशि को कम कर निगम के राजस्व को भी चूना लगा रहे है। आश्चर्य की बात यह है कि महापौर व प्रतिपक्ष के नेता तक मौन है। जानकारी के अनुसार नगरीय विकास कर के अरबों रुपए क ा बकाया चल रहा है, इसमें करोड़ों रुपए सरकारी विभागों पर है। निगम प्रशासन लम्बे समय से इन विभागों तथा निजी बड़े बकायादारों से वसूली नहीं कर पा रहा है जबकि 1 से 5 लाख रुपए तक के बकायादारों पर कार्रवाई करने की योजना भी बना रहा है। मेयर ने इस वित्तीय वर्ष में निगम अधिकारियों को वसूली का बड़ा टारगेट दिया है, जो हमेशा की तरह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
छूट के नाम पर लाभ
जानकारी के अनुसार रानी बाजार, गंगाशहर, जयनारायण व्यास कॉलोनी, जयपुर रोड सहित पॉश इलाकों में एक-एक बकायादार पर लाखों रुपए की वसूली है लेकिन कुछ को छूट के नाम पर गत वित्तीय वर्ष में लाभ दिया गया, तो कुछ को छूट देने के बावजूद उन्होंने राशि जमा नहीं कराई। आश्चर्य की बात यह है कि छूट के बाद कम हुई राशि को वसूलने के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई गई है।
करोड़ों की बजाए लाखों की वसूली
यूडी टैक्स वसूली के मामले में वित्तीय वर्ष के करीब चार माह बीत जाने के बावजूद वसूली का आंकड़ा लाखों में सिमटा हुआ है। शहर की बड़ी इमारतों से नगर निगम को करोड़ों रुपए यूडी टैक्स वसूली करनी है। हालांकि यह वसूली गत वर्ष भी विभाग ेक लक्ष्य में थी लेकिन कार्मिक इन्हें नोटिस तक जारी नहीं कर पाए। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि पिछले लंबे समय से नगर निगम का राजस्व अनुभाग पूरी तरह से खाली पड़ा हुआ है। जो कार्मिक कार्यरत है, उनमें से बहुतों को अनुभव ही नहीं है। सूत्रों की मानें, तो आयुक्त व महापौर के निर्देशन में बड़ी वसूली की कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन दोनों ने ही यूडी टैक्स से स्वयं को दूर कर रखा है।