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बीकानेर। जिले के महाजन कस्बे के समीपवर्ती ग्राम पंचायत अर्जुनसर में मनरेगा योजना के तहत मेटों द्वारा श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान उठाने का मामला स्थानीय में दर्ज हुआ है। थाने के कांस्टेबल शीशपाल सिद्ध ने  बताया कि अतिरिक्त जिला कार्यक्रम एवं समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद बीकानेर के पत्र पर ग्राम विकास अधिकारी अर्जुनसर बनवारी लाल गुर्जर द्वारा मंगलवार को मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी लगाने का मामला दर्ज करवाया गया । अर्जुनसर निवासी विक्रम सिंह राठौड़ द्वारा अर्जुनसर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार को लेकर जिला कलेक्टर को शिकायत की गई । जिसमें जिला कलेक्टर द्वारा प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक अधिकारी कनिष्क कटारिया द्वारा मामले की जांच करवाई गई। जिसमें जांच अधिकारी द्वारा सभी आरोपों की पुष्टि की गई। इसके साथ ही इस मामले में कनिष्ठ तकनीकी सहायक नईम उस्ता को इस मामले में दोषी मानते हुए संविदा कर्मी होने के नाते इसकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गई थी। जिला परिषद से 19 जून को विकास अधिकारी को पत्र लिखकर मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने का निर्देश दिए थे। मगर यह मामला 14 जुलाई को दर्ज करवाया गया। दर्ज मामले में मेट शंकर दास पुत्र भंवर दास निवासी मिठडिया , महावीर पुत्र बंसीलाल भाट निवासी अर्जुनसर के खिलाफ मनरेगा योजना में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान उठाने के प्रयास का मामला दर्ज करवाया गया। उक्त मामले में अर्जुनसर से रामबाग ग्रेवल सड़क निर्माण, चक 117 आरडी पक्का खाला निर्माण, मिठडिया से शेरपुरा ग्रेवल सड़क निर्माण, मिठडिया से रानीसर ग्रेवल सड़क निर्माण कार्यों पर भारी अनियमितता का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने दोनों मेटो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है ।पुलिस मामले की जांच कर रही है।