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बीकानेर। बीकानेर केन्द्रीय कारागार में बंदियों की बैरक में फिर मोबाइल मिले हैं। जेल प्रशासन ने इस संबंध में बीछवाल पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। जेल अधीक्षक परमजीत सिंह सिद्धु के निर्देश पर शुक्रवार को कारापाल किरणसिंह, कार्यवाहक मुख्य प्रहरी सुरेश कुमार, रिलीफ इंचार्ज सुरेन्द्रसिंह सहित अन्य सुरक्षा प्रहरियों व कर्मचारियों ने जेल की बैरकों की सघन चेकिंग की। चेकिंग के दौरान वार्ड नंबर 11 की बैरक 43 व 44 के पीछे एनएलजेडी मशीन से तलाशी ली गई तो दो मोबाइल मय बैट्री जमीन में दबे हुए मिले। सुरक्षा प्रहरियों ने दोनों मोबाइल लावारिस मानकर जब्त कर लिए।
बीछवाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विदित रहे कि बीकानेर जेल में आए दिन मोबाइल फोन मिलते रहते हैं। बीकानेर जेल प्रदेश ही नहीं देशभर की बहुचर्चित जेलों में शामिल है। यहां जेल में बैठे-बैठे बंदी व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों को धमकाने एवं फिरौती मांगने की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इतना ही नहीं जेल में बंद कई हार्डकोर अपराधी हत्या के षड्यंत्र तक रच चुके हैं।
बंदियों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर रोक लगाने के लिए प्रदेश की जेलों में करोड़ों रुपए खर्च कर जैमर लगवाए गए लेकिन इनका कोई फायदा नहीं हुआ। अलबत्ता जेल के ऑफिस में मोबाइल काम नहीं करता और बंदियों की बैरकों में मोबाइल बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं। जेल प्रशासन सरकार और सरकार संबंधित कंपनी को जैमर दुरुस्त करने के लिए अवगत करवा चुका है लेकिर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई है।