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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। मेडिकल कॉलेज बीकानेर की छात्रा मनीषा की मौत अब ऐसी उलझी पहेली बन चुकी है । पुलिस मृतका मनीषा के फोन की डिटेल की जांच-पड़ताल करने में जुटी हुई है। अब पुलिस को मोबाइल डिटेल पर आस है। फोन डिटेल में कई राज भी खुल सकते है।

पुलिस को अब तक ये नहीं पता कि मनीषा ने किन कारणों के चलते आत्महत्या की? वो अनजाने में मौत को खुद गले लगा बैठी या उसने आत्महत्या की? या फिर वो किसी बड़ी साजि़श का शिकार हो गई? या अन्य कोई कारण ? वहीं काम, पढ़ाई का तनाव नहीं, वजह को लेकर माथापच्ची जारी है। एक तरफ जहां मृतक मनीषा के पिता प्रभुराम कुमावत ने बताया कि आत्महत्या का कारण पढ़ाई का तनाव माना तो वहीं दूसरी और एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि पढ़ाई या काम के बोझा जैसी कोई बात नहीं है। इंटर्न की पढ़ाई हर मेडिकल छात्र अपनी रूचि लेकर करता है।

वहीं पुलिस को कॉलेज के एक सीनियर छात्र का भी पता चला है जिससे मनीषा के संबंध काफी घनिष्ठ थे, यह सीनियर छात्र फिलहाल बीकानेर से बाहर पढ़ाई कर रहा है। ऐसे में मनीषा कुमावत की खुदकुशी का मामला अब उलझी पहेली बन चुकी है। गौरतलब है कि मेडिकल इंटर्न मनीषा हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील के अनूपशहर की रहने वाली थी। उसने शनिवार शाम करीब 4 बजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में पंखे से फंदा डालकर खुदकुशी कर ली थी।

मोबाइल को जांच के लिए भेजा
पुलिस उप अधीक्षक भोजराज सिंह ने बताया कि छात्रा के परिजनों की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज के न्यू गल्र्स हॉस्टल के कमरा नम्बर 102 की तलाशी ली गई। कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने पर छात्रा के मोबाइल को जांच के लिए भेजा है।

यह है मामला
हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील के अनूपसर की रहने वाली 25 वर्षीय इंटर्न छात्रा मनीषा कुमावत ने शनिवार दोपहर को शाम करीब पांच बजे न्यू गल्र्स हॉस्टल के रूम नंबर 102 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका का के शव को तुंरन्त ट्रोमा सेंटर में लाया गया और उसके बाद शव मोर्चरी में रखवा दिया गया।

छह महीने की पढ़ाई ही शेष थी
इंटर्न छात्रा मनीषा कुमावत ने वर्ष 2014 में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था। वह एसपी मेडिकल कॉलेज के 59वें बैच की छात्रा थी। वह अंतिम इंटर्नशिप कर रही थी। इसके साथ वह प्री पीजी की तैयारी कर रही थी। करीब छह महीने की पढ़ाई ही शेष रही थी।

मानदेय से खुशियों के बीच दुखदाई घटना
हॉस्टल इंचार्ज डॉ. प्रमिला खत्री का कहना कि शनिवार को इंटर्न का पहला मानदेय आया तो सब छात्राएं सेलिब्रेट कर रही थी। इसी दौरान यह सूचना मिली जो काफी दुखदाई थी।

पिता की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज
पिता प्रभुराम कुमावत ने जेएनवीसी थाने में मर्ग दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया कि शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे उसकी मनीषा से बात हुई थी, तब उसने कहा कि खाना खाकर सो रही हूं। बाद में शाम करीब चार बजे बेटे रमेश ने फोन किया तो उसने फोन उठाया नहीं। तब रमेश ने उसकी सहपाठी को फोन कर पता करने का कहा। हॉस्टल की छात्राओं ने देखा तो कमरे का गेट अंदर से बंद था। कमरे का गेट तोड़कर देखा तो मनीषा पंखे के हुक से फांसी का फंदा बनाकर लटकी हुई थी। उसे नीचे उतारकर पीबीएम अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पिता ने कहा कि मनीषा पढ़ाई को लेकर काफी तनाव में रहती थी।<