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खुलासा न्यूज़, बीकानेर/ ।  राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में जांच पड़ताल जारी है. राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम शुक्रवार शाम मानसेर पहुंची, जहां एक होटल में कांग्रेस के कुछ बागी विधायक ठहरे हुए हैं. मगर एसओजी टीम को होटल के अंदर जाने से रोक दिया गया. करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद टीम को होटल में एंट्री मिल सकी. हालांकि जब कांग्रेस के विधायक भंवरलाल शर्मा नहीं मिले तो टीम खाली हाथ लौट गई.

होटल में दाखिल होने के करीब आधे घंटे बाद एसओजी की टीम बाहर निकली है और मीडिया से बगैर रूबरू हुए निकल गई है. सूत्रों ने बताया कि एसओजी टीम को कांग्रेस के बागी विधायक भंवरलाल शर्मा नहीं मिले जिसके बाद टीम खाली हाथ लौट गई. भंवरलाल शर्मा पर गहलोत सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप है.

बता दें कि राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, संजय जैन और कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है. बता दें कि कांग्रेस ने वायरल ऑडियो टेप में सीधे गजेंद्र शेखावत का नाम लिया है.

डेढ़ घंटे करना पड़ा इंतजार

इससे पहले शुक्रवार शाम को राजस्थान एसओजी की टीम मानेसर स्थित आईटीसी ग्रैंड भारत होटल पहुंची, लेकिन हरियाणा पुलिस के जवानों ने उनकी गाड़ी को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया. हरियाणा पुलिस के आग्रह पर करीब डेढ़ घंटे बाद होटल प्रबंधन की तरफ से ही कोई निकल कर आया. जिन्होंने राजस्थान से आई एसओजी टीम से कुछ बातचीत की. करीब डेढ़ घंटे बाद एसओजी की टीम की गाड़ी को होटल के अंदर जाने दिया गया. राजस्थान पुलिस के आईपीएस स्तर के अधिकारी सहित 6 लोग स्कॉर्पियो से आईटीसी ग्रैंड भारत होटल पहुंचे. एसओजी की टीम राजस्थान के विधायक का ऑडियो टेप वायरल होने के बाद बयान दर्ज करने पहुंची. एसओजी की टीम को होटल में एंट्री के लिए करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा

मानेसर में होटल में ठहरे हैं विधायक

असल में, सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में पिछले कई दिनों से ठहरे हुए हैं. इनमें सचिन पायलट सहित 19 कांग्रेस के विधायक. 3 निर्दलीय भी हैं. फिलहाल इन विधायकों से पूछताछ करने के लिए एसओजी टीम शुक्रवार शाम मानेसर पहुंची.

हालांकि सचिन पायलट अभी तक अपना सियासी फैसला नहीं ले सके हैं जबकि कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम पद से हटा दिया है. इसके अतिरिक्त उनके दो समर्थक मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी कर दी गई है और विधानसभा अध्यक्ष ने नोटिस देकर दो दिन में जवाब मांगा है.