बीकानेर। एक ओर तो रसद विभाग गैस की कालाबाजारी करने वालों पर नकेल के दावे करता नहीं थकता। लेकिन शहर की एक गैस एजेन्सी में आए दिन कम वजन वाले सिलेण्डर की शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। शनिवार को कम तोल का सिलेण्डर का उलाहना देने पहुंचे एक ग्राहक के एजेन्सी के संचालक ही गले पड़ गया। मामला गंगाशहर स्थित श्रीबालाजी इण्डेन गैस एजेन्सी का है। जहां पर सीताराम साहू ने टंकी बुक करवाई। जिसकी सप्लाई शनिवार को उनके निवास पर की गई। जब डिलेवरी मैन ने ग्राहक साहू को टंकी दी तो उन्होंने चेताया था कि पूर्व में भी मेरे कम तोल का सिलेण्डर आया हुआ है। किन्तु डिलेवरी मैन ने यह कहते हुए कि वजन में सिलेण्डर पूरा है। कहा अनसुना कर डिलेवरी मैन निकल गया। बाद में सीताराम साहू के भाई सुभाष ने गैस सिलेण्डर का वजन करवाया तो 26.300 किलो का वजन का सिलेण्डर निकला। जिसका उलहाना देने सुभाष सिलेण्डर सहित एजेन्सी पहुंच गया। जहां खासी बहस करने के बाद गैस संचालक ने कहा कि अब आपके यहां कम तौल वाला सिलेण्डर नहीं आएगा।

रामप्रताप कस्वाँ चौधरी ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶನಿವಾರ, ಡಿಸೆಂಬರ್ 28, 2019

 

पहले भी कर चुका है उपभोक्ता शिकायत
ज्ञात रहे कि सीताराम साहू पूर्व में भी गैस एजेन्सी संचालक को कम वजनी सिलेण्डर आने की शिकायत कर चुका है। लेकिन गैस संचालक हर बार ये कहते हुए मामले का टाल जाता है। इस पर इस बार साहू के भाई सुभाष ने मौके पर ही सिलेण्डर का वजन अन्य स्थान से करवाने की बहस करने और लाईव फेसबुक पर इस घटना को कैद करवाने पर गैस संचालक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में उनके घर कम वजनी सिलेण्डर नहीं भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन चिंता वाली बात तो ये है कि आखिर गैस एजेन्सी संचालक की ऐसी शिकायतों पर आखिर रसद विभाग क्यों कार्यवाही करता है।