छोटे भाई विकास को शिक्षक बनाने के लिए बड़े भाई मनोहर बिश्नोई ने अपनी सरकारी नौकरी दांव पर लगा दी। विकास के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर REET देने पहुंच गया। पहली पारी में वह सफल भी हो गया, दूसरी पारी में उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इसका खुलासा जैसलमेर के एसबीके महाविद्यालय में हुआ। पुलिस ने मनोहर को गिरफ्तार कर लिया है। वह शिक्षा विभाग में क्लर्क है। वर्तमान में सिरोही जिले में शिवगंज के बागसिंग में तैनात है।

डीएसटी टीम की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने की कार्रवाई

जैसलमेर की डीएसटी टीम के प्रभारी बस्ताराम को सूचना मिली की जिले में फर्जी अभ्यर्थी भी परीक्षा दे रहा है। सूचना पर डीएसटी की टीम एसबीके कॉलेज पहुंची तथा मनोहर बिश्नोई की जांच की। वह विकास बिश्नोई के नाम से परीक्षा दे रहा था। जांच में उसके आधार कार्ड में काट-छांट नज़र आने पर ई मित्र वालों को बुलवाकर उसका फिंगर प्रिंट लिया गया। मिलान नहीं होने पर परिवार के जन आधार के आधार पर मनोहर का आधार कार्ड नंबर पता करके फिर उसका फिंगर प्रिंट लिया गया। मनोहर का फिंगर प्रिंट मनोहर के नाम से मैच कर गया। मनोहर बिश्नोई पुत्र धन्नाराम सियागो की बस्ती जिला जोधपुर का रहने वाला है। उसके छोटे भाई ने बीएसटीसी (बेसिक स्कूल ट्रेनिंग कोर्स) कर रखी थी। उसकी जगह मनोहर ने रविवार को परीक्षा दी और करीब 70 सवाल हल भी कर दिये थे।