जमनादासकल्ला की रम्मत कल
बीकानेर। बसंती बयार के इस फाल्गुन माह में जीवन की एक अलग ही उमंग होती है। जीवन के रंगों को दर्शाता यह महीना अपनी अल्हड़ता व मस्ती के लिए पूरी दुनिया में विशेष अंदाज में जीया जाता है। भारत में फाल्गुन माह में रंगों का त्योहार ‘होलीÓ अपना विशेष स्थान रखता है। वैसे तो ‘ब्रज की ल_मार होलीÓ पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है लेकिन राजस्थान के बीकानेर की होली भी अपने अंदर मस्ती, उल्लास के साथ-साथ परंपरा के विशिष्ट रंग लिए हुए है। लटियाल नाट्य कला द्वारा आयोजित जमनादासकल्ला की रम्मत का मंचन शुक्रवार को कीकाणी व्यासों के चौक में आयोजित होगी। रम्मत संरक्षक किशनलाल ओझा (मिण्डा महाराज )के नेतृत्व में 6 मार्च की रात्रि और 7 मार्च की सुबह होंगी। रम्मत से जुड़े रवि ओझा और दिनेश ने बताया कि रम्मत के क वि झमु मस्तान द्वारा रचित ख्याल चौमासा का मंचन कीकाणी व्यासों के चौक मे होगा। कला के सचिव एडवोकेट मदन गोपाल व्यास ने बताया टि 6 मार्च कि अर्ध रात्रि में माँ लटियाल के आगमन से रम्मत का शुभारंभ होगा और 7 मार्च की
सुबह रम्मत में रचित ख्याल चौमासा का मंचन होगा और साथ में सांस्कृतिक और राधा कृष्ण की पुष्पों द्वारा होली का विशेष आयोजन होगा। रम्मत केमुख्य पात्र:दिनेश, भानु, रवि, शानु, कान्हा, राजा, मयूर भायो गोविन्द और नगाड़ा पर बंटी औझा,राहुल,बसंत और गोविन्द,रमेश बाल कलाकार की भूमिका में। व्िररष्ठ कलाकार के रूप में एडवोकेट मदन गोपाल, रामकिसन, शत्रुघ्न, सूर्यप्रकाश, प्रेमनारायण, परमेश्वर,मुकेश कल्ला, मनमोहन,श्यामसुंदर,कपिल देव,सत्ता महाराज,पूनमचंद,रामजी रम्मत में मंचन करते नजर आएंगे।