बीकानेर। नगर स्थापना दिवस को लेकर घरों से बाजारों तक तैयारी शुरू हो गई है। घर-घर में जहां बाजरा, मूंग, गेहूं के खीचड़े को कूट कर तैयार किया जा रहा है, वहीं बाजारों में तैयार खीचड़े और इमलाणी की बिक्री शुरू हो गई है। पतंगबाजी के लिए बाजारों से गली-मोहल्लों तक पतंग-मांझे की दुकानें सज गई है।राजीव गांधी मार्ग पर मांझा सुताई की जा रही है। पतंगबाजी के शौकीन लोग यहां सादा डोर की सुताई करवाकर मांझा तैयार करवा रहे हैं। हालांकि पतंगबाजी अभी परवान नहीं चढ़ी है, लेकिन पतंग-मांझे की खरीद शुरू हो गई है। मटकियों, लोटड़ी, हांडी, ढकणी आदि मिट्टी बर्तनों की खरीद की जा रही है। घरों में महिलाएं आखाबीज और आखातीज की तैयारियों में जुटी हुई हैं।
टेंट-माइक बुक, तैयार हो रहे मीनू
आखातीज के दिन होने वाली पतंगबाजी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। धूप से बचाव के लिए पतंगबाजी के शौकीन युवाओं ने जहां टेंट का सामान बुक करवाना शुरू कर दिया है। वहीं पतंगबाजी के दौरान गीतों के लिए माइक-स्पीकर की व्यवस्था भी लोग क रने लगे हैं। इस दिन बोई काट्या है फेर उड़ाÓ की गूंज रहेगी। छतों पर सामूहिक रूप से होने वाली पतंगबाजी के दौरान खान-पान के लिए मीनू तैयार हो रहे हैं।
उड़ेंगे चंदे, देंगे संदेश
नगर स्थापना दिवस पर चंदाÓ उड़ाने की परम्परा के तहत कलाकार आमजन को जागरूकता का संदेश देने वाले चित्रयुक्त चंदोंÓ को तैयार करने में जुटे हुए है। इन चंदों को लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर सहित जूनागढ़ तथा शहर में विभिन्न स्थानों पर घरों की छतों पर उड़ाया जाएगा। चंदा कलाकार अनिल बोडा, गणेश व्यास,किशन पुरोहित ने बताया कि इस बार चंदोंÓ के माध्यम से नगर स्थापना, इतिहास,मतदान का संदेश देने सहित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह व कन्या भू्रण हत्या रोकथाम, पॉलीथिन व चाइनीज मांझे का उपयोग नहीं करने आदि का संदेश दिया जाएगा।
नहीं होगा सम्मान समारोह
बीकानेर के स्थापना दिवस चुनाव का साया साफ तौर पर नजर आ रहा है। जिसके चलते इस दफा शहर की प्रतिभाओं का स्थापना दिवस पर होने वाला सम्मान समारोह नहीं होगा। यहीं नहीं स्थापना दिवस पर होने वाले अन्य आयोजनों में भी कटौती की गई है। जिससे पहली बार स्थापना दिवस की धूम फीकी रहेगी।