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बीकानेर। जयनारायण व्यास कॉलोनी स्थिति आर.एस.वी. उच्च माध्यमिक विद्यालय के ऑडीटोरियम में कक्षा 7 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय विषेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को मनोचिकित्सक डॉक्टर अंजू ठकराल ने उनके द्वारा इस अवस्था में किस प्रकार से व्यवहार किया जाना चाहिए तथा किस प्रकार व्यवहार किया जा रहा है, से अवगत करवाया। डॉक्टर ठकराल ने विद्यार्थियों से बातचीत के माध्यम से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। अध्ययन के समय विद्यार्थियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, अपने साथियों के साथ उनका झगड़ा क्यों होता है, माता – पिता एवं घर में अन्य सदस्यों की किन बातों पर उन्हें क्रोध आता है। उन्हें क्या पसंद है और क्या ना पसंद है इस पर विस्तार से चर्चा की।

आज के आधुनिक युग में काम में लिए जाने वाले विभिन्न गजैटस एवं उपकरणों का उनके जीवन में कितना महत्व है यह भी जानने की कोशिश की। विद्यार्थियों ने भी प्रथम सत्र में अपनी तथा अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात की तथा उनके समाधान के बारे में जानकारी चाही । द्वितीय सत्र में डॉक्टर अंजू ने क्रमवार विद्यार्थियों की एक – एक समस्या को लिया तथा बड़े ही सहज ढंग से उनका समाधान विद्यार्थियों के समक्ष रखा। आपने विद्यार्थियों को खेलने के लिए प्रेरित किया इससे विद्यार्थियों की ऊर्जा का सदुपयोग होता है। तथा उनमें सहयोग एवं धैर्य की भावना का विकास होता है। प्रत्येक दिन विद्यार्थियों को अपने घर के सदस्यों के साथ कम से कम एक समय का खाना खाना चाहिए। तथा खाते समय टी.वी के समक्ष ना बैठे इस बात पर विषेष बल दिया जिससे सभी सदस्य एक – दूसरे से अपने दिन भर की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकें। मोबाइल का प्रयोग अत्यन्त आवश्यक होने पर ही करें इसके ऐडिक्षन से बचें, मोबाइल को प्रत्येक समय अपने पास ना रखें विशेेषकर सोते समय नेट बंद कर दें तथा अपने से कम से कम तीन से चार फ ीट दूर मोबाइल को रखें। लगातार व्हॉटसअप तथा फेसबुक चेक करने की आदत भी गलत है। एक निष्चित समय पर ही सोषल मीडिया का उपयोग करें। जिस विषय में आपको कठिनाई का अनुभव हो रहा हो अपने अध्यापकों एवं सहपाठियों से इस बारे में चर्चा करें। पढ़ते समय मेज – कुर्सी पर ही बैठकर पढ़े तथा लिखकर अध्ययन करें।

यदि विद्यार्थियों को विद्यालय अथवा घर में विशेषकर छात्राओं को यदि किसी प्रकार की समस्या का सामना पड़ रहा हो तो अपने माता – पिता को अवष्य बताएं, किसी प्रकार की घबराहट अपने मन में ना रखें। यदि आपका कोई साथी किसी प्रकार का भी कोई गलत दबाव आप पर बनाता है तो आप इसकी सूचना तुरंत अपने अभिवावक अथवा अध्यापक को प्रदान करें। सदैव प्रसन्न रहें। जो भी कार्य करें उसे प्रसन्नता पूर्वक करने का प्रयास करें। पानी, जूस, आदि का सेवन अधिक से अधिक करें , चाय – कॉफ ी के उपयोग से बचें। जंकफूड का प्रयोग जहाँ तक हो सकें ना करें, रात के समय अधिक देरी से भोजन ना करें।