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बीकानेर, 26 दिसम्बर। जिले में मकर संक्रान्ति एवं अक्षय तृतीया पर्व पर पतंगबाजी के लिए धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा, जो पतंग के पेच लड़ाने में अधिक कारगर होता है। उक्त मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत सुचालक होता है। जिसके उपयोग से दोपहिया वाहन चालक एवं पक्षियों को जानमाल का नुकसान होता है, साथ ही विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचना एवं विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना संभाव्य है। इसलिए चाईनीज मांझा के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया जाता है।
जिला मजिस्टेªट एवं जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 में निहित प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधा रहित बनाये रखने एवं पक्षियों के लिए बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके ‘‘धातु निर्मित मांझा’’ (सामान्य प्रचलित भाषा में चाईनीज मांझा ) की थोक एवं खुदरा बिक्री, भंडारण, परिवहन तथा उपयोग जिला बीकानेर की क्षेत्राधिकारिता में निषेध /प्रतिबंधित करने का आदेश  दिए है। कोई भी व्यक्ति यदि उपरोक्त प्रकार के मांझो का भंडारण, विक्रय, परिवहन तथा उपयोग  करेगा तो उसके विरूद्ध यथा प्रचलित सम्यक काननू के तहत कार्यवाही की जावेगी। आमजन को यह भी निषेध किया जाता है कि पक्षियों को नुकसान  से बचाने के लिए प्रातः 6.30 से 8 बजे तथा सांय 5 बजे से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। उक्त आदेश की अवमानना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दंडनीय अपराध होगा व अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध नियमानुसार अभियोग चलाया जावेगा।