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बीकानेर। नोखा. कस्बे के बीच से गुजरने वाले क्षतिग्रस्त पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-89 पर हो रहे हादसों को लेकर जब जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो लोगों का उबाल खा रहा गुस्सा अब फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लडऩे का ऐलान कर दिया है। रविवार को पालिकाध्यक्ष नारायण झंवर के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने राजेंद्र पेट्रोल पंप से पैदल मार्च कर तहसील रोड़ तक आक्रोश रैली निकाली
बाद में पालिकाध्यक्ष झंवर सहित दस प्रबुद्ध लोग धरना देकर आमरण अनशन पर बैठ गए। धरने को संबोंधित करते हुए पालिकाध्यक्ष झंवर ने कहा कि क्षतिग्रस्त हाइवे पर हादसों पर हादसें हो रहे हैं। जिससे दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। उन्होंने क्षतिग्रस्त हाइवे को रिपेयर कराने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया था। जिसमें चेताया था कि तीन दिन में क्षतिग्रस्त हाइवे का मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। तीन दिन बाद भी हाइवे अथॉरिटी द्वारा कोई कार्यवाही शुरू नहीं की गई।
आमजनता के हित के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्होंने व समर्थकों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है। अब जनता की सेवा में जान भी जाए, तो उनको कोई परवाह नहीं, हाइवे का मरम्मत कार्य शुरू होने पर ही यहां से उठेंगे। जिला सरपंच संघ के समन्वयक सवाई सिंह चरकड़ा ने कहा कि क्षतिग्रस्त हाइवे-89 पर मौत मंडरा रही है, कब, कौन काल का ग्रास हो जाए, कुछ पता नहीं। हमारे आमरण अनशन पर बैठने से किसी की जान बचती है, तो इसके लिए हर तरह से तैयार है। अब हाइवे का काम शुरू कराकर ही जाएंगे या फिर मर जाएंगे। आक्रोश रैली व धरने में सैकड़ों प्रबुद्ध लोग शामिल हुए