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कोरोना संक्रमण से इस समय पूरी दुनिया लड़ रही है. लोग बाजार से आने वाले हर सामान चाहे सब्जी हो या फल या फिर राशन या कुछ और सभी चीजों को संदिग्ध नजर से देख रहे हैं और उसे साफ-सुथरा और सैनिटाइज करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि जो दूध के पैकेट का इस्तेमाल आप रोजाना अपने घर में करते हैं वो कोरोना संक्रमण से मुक्त है? यह सवाल निश्चित रूप से आपको दुविधा में डाल देगा.

 

अगर आप भी उन दुकानों के बारे में चिंतित हैं जहां से आप दूध के पैकेट खरीदते हैं और वायरस के संक्रमण का डर आपको सता रहा है तो हम आपको इसकी सच्चाई बताएंगे. भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ( FSSAI) ने साफ कर दिया है कि पैकेट बंद दूध पूरी तरह सुरक्षित और कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त है. दूध के पैकेट को डिटर्जेंट से धोना या साबुन से धोने की खबरें सामने आने के बाद इन मिथकों पर रोक लगाने के लिए एफएसएसएआई ने कुछ सुझाव और ट्रिक्स जारी किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पैकेज्ड दूध उपभोग करने के लिए सुरक्षित और वायरस मुक्त हैं. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने लोगों को सुझाव दिया है कि दूध वाले से दूध लेते समय लोगों को बुनियादी सुरक्षा उपायों और सही दूरी बनाए रखें. सुनिश्चित करें कि दूध विक्रेता मास्क पहने हुए हैं. FSSAI ने लोगों से अपील की है कि दूध के पैकेट लेने के बाद, सुनिश्चित करें कि आप अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं और दूध के पैकेट को सिर्फ पानी से धोएं. दूध के पैकेट पर सैनिटाइज़र स्प्रे करने या डिटर्जेंट के साथ धोने की कोई आवश्यकता नहीं है. सिर्फ पानी काफी है. दूध के पैकेट को खोलने से पहले हाथों को अच्छे से धो लें और बर्तन को धोकर उसमें दूध डालें. दूध को तब तक बंद न करें जब तक वो पूरी तरह उबल ना जाए. FSSAI ने कहा है कि इन आसान उपायों से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि आप जो दूध इस्तेमाल कर रहे हैं वो पूरी तरह सुरक्षित और कोरोना संक्रमण से मुक्त है. FSSAI के मुताबिक  रासायनिक सैनिटाइज़र स्प्रे या डिटर्जेंट का उपयोग दूध के लिए स्वास्थ्य के नजरिए से अच्छा नहीं है. यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है.