बीकानेर। राजस्व भूमि पर भूमाफिया निरन्तर कब्जे कर रहे हैं। नेशनल हाइवे के साथ-साथ देखते ही देखते करोड़ों रूपए की भूमि पर कब्जे हो गए हैं। सर्वाधिक अतिक्रमण राजमार्गो से सटी भूमि पर हो रहे हैं और भू माफियाओं को जहंा कहीं भी खाली भूमि नजर आ रही है वहीं कब्जे कर रहे है। जयपुर रोड़ पर हल्दीराम प्याऊ के सामने अशोक नगर, स्वर्ण जयंति नगर के आसपास तो धड़ाधड़ कब्जे हो रहे हैं। नगर विकास न्यास की बेपरवाही और राजनीतिक संरक्षण के चलते भूमाफिया और अतिक्रमी निरंकुश हैं। यही वजह है कि न्यास की कई कॉलोनियों में मात्र दो साल की अवधि में सैकड़ों की तादाद में अतिक्रमण हो गए हैं। इसके अलावा मुरलीधर व्यास नगर, शिवबाड़ी, बीछवाल, खारा, पूगल रोड़, गजनेर रोड़, पर जहां नजर डालों वही भूमाफियाओं के कब्जे नजर आते है।
जानकारों के अनुसार कब्जों शुरूआत मोैके पर ईटों के ढेर से करते हैं। खाली पड़ी भूमि पर पहले ईटें गिराई जाती हैं, फिर मिट्टी से एक से डेढ़ फीट ऊंची चारदीवारी बनाई जाती है। लगभग पन्द्रह से बीस दिन चारदीवारी पड़ी रहती है। तत्पश्चात कच्चा कमरा बनाया जाता है। इसके साथ ही अतिक्रमण स्थाई हो जाता है। हालांकि नगर विकासा न्यास, नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाये जाते है कि मगर अभियानों के दौरान महज छूटभईये भूमािफयाओं के कब्जे तोड़ कर इतिश्री कर ली जाती है और जहंा एक दिन पहले कब्जा हटाया जाता है वहीं दूसरी दिन फिर कब्जा कायम हो जाता है। कब्जाधारियो के खिलाफ कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की जाती है।