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बीकानेर। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर को पहचान देने वाले पर्वतारोही मगन बिस्सा की देह पंचतत्व में विलिन हो गई। उनको मुखाग्नि बड़े पुत्र रोहिताश ने दी। इससे पूर्व उनके निवास पर पहुंचे सेना की ओर अधिकारियों व जवानों ने पुष्पचक्र भेंट कर श्रद्वासुमन अर्पित किये। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल,पूर्व गृहराज्य मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल,एवरेस्ट फतह करने वाली बच्छेन्द्री पाल,भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य,कर्नल हेमसिंह,पीबीएम के पूर्व उपाधीक्षक डॉ अजय कपूर,पूर्व अधीक्षक डॉ सतीश कच्छावा,बैक अधिकारी सीताराम कच्छावा,भाजपा नेता जे पी व्यास,फारूख पठान,आर के शर्मा,पैरासलिंग खेल से जुड़े खिलाड़ी व अनेक खेल संघों के पदाधिकारी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

सेना के ट्रक में किया अंतिम सफर
बिस्सा की अंतिम यात्रा के किसी सैनिक की अंतिम यात्रा से कम नहीं थी। सेना की ओर से जहां पुष्प चक्र भेंट कर सम्मान दिया गया। वहीं उनके सम्मान में मगन बिस्सा अमर रहे लिखे पोस्टरों व फूल मालाओं से सजे ट्रक में उन्हें श्मसान घाट तक पहुंचाया। इस मौके पर सेना के अधिकारी व जवान उपस्थित रहे। अंतिम यात्रा के दौरान मगन बिस्सा अमर रहे के नारे लगते रहे।
उन्होनें धोखा दे दिया……….
जैसे ही उनका पार्थिव शरीर उनके निवास पर पहुंचा। वैसे ही उनके चाहने वालों का हुजूम निवास पर उमड़ पड़ा। इस दौरान सुषमा बिस्सा के मुंह से एक की बात निकल रही थी। उन्होनेें धोखा दे दिया..। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने सुषमा बिस्सा को ढाढस बंधाया तो वो एक ही बात कह रही थी,साब उन्होंने मुझे धोखा दे दिया। सुषमा के इस विलाप से हर किसी का मन दु:खी था। तो मगन बिस्सा की बात करता करता रो पड़ा।