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बीकानेर । राजकीय डूंगर महाविद्यालय में प्राध्यापकों ने रूक्टा के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। रूक्टा के प्रान्तीय महामंत्री डॉ. विजय कुमार ऐरी ने बताया कि बड़ी संख्या में कॉलेज प्राध्यापक शुक्रवार सुबह से ही कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कॉलेज प्राध्यापक वर्तमान में निदेशालय की ओर से प्रत्येक संकाय सदस्य पर ई कन्टेन्ट को अपलोड करने में प्रतिदिन नये नये आदेश जारी करने से शिक्षकों में भारी रोष है। साथ ही अपलोड करने की कार्यवाही की निदेशालय द्वारा मॉनीटरिंग का विरोध करते हुए यह अधिकार प्राचार्य को देने की मांग कर रहे थे। डॉ. ऐरी ने कहा कि जब शिक्षकों के सभी प्रकार के कार्यों की मॉनीटरिंग प्राचार्य ही करते हैं तो ई कन्टेन्ट की मॉनीटरिंग निदेशालय द्वारा किया जाना प्राचार्य के अधिकारों में अनावश्यक हस्तक्षेप की श्रेणी में आता है जिसे तुरन्त ही बन्द किया जाना चाहिये। रूक्टा की केन्द्रीय कार्यकारिणी के संयुक्त सचिव डॉ. अनन्त जोशी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 31 अगस्त तक सभी शिक्षण संस्थायें बन्द रखने का निर्देश दिया गया है बावजूद इसके पूरे प्रदेश के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों को प्रतिदिन उपस्थिति देने हेतु पाबन्द किया गया है, जो कि सरासर गलत है जबकि सभी शिक्षक अपने व्यक्तिगत स्रोतों से विद्यार्थियों को निरन्तर ई कन्टेन्ट उपलब्ध करवा रहे हैं। डॉ. जोशी ने कहा कि ये सभी कार्य घर से भी सम्पादित किये जा सकते हैं इसलिये 31 अगस्त तक केन्द्र सरकार की एडवायजरी का पालन करते हुए वर्क फ्रोम होम के आदेश तुरन्त जारी किये जाने आवश्यक हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय इकाई के सचिव डॉ. मोहम्मद हुसैन ने कहा कि 31 अगस्त तक होने वाली सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षायें तुरन्त प्रभाव से स्थगित की जावें। आवागमन साधनों के अभाव और विद्यार्थियों के ठहरने की सुविधा ना होने की स्थिति में विद्यार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा साथ ही बड़े स्तर पर विद्यार्थियों की आवाजाही से कोरोना फैलने का खतरा बना रहेगा इसलिये इन परीक्षाओं को स्थगित किया जावे ताकि संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में. रूक्टा के सक्रिय सदस्य डॉ. विमल गौड़ ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आनन फानन में जारी की गयी निजीकरण को बढ़ावा देने वाली एवं उच्च शिक्षा की अवहेलना करने वाली नयी शिक्षा नीति को तुरन्त प्रभाव से वापिस ली जानी चाहिये। विरोध प्रदर्शन के तुरन्त बाद रूक्टा के एक प्रतिनिधि मण्डल ने कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिशिर शर्मा को उच्च शिक्षा मंत्री एवं निदेशक कॉलेज शिक्षा के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। प्राचार्य डॉ. शर्मा ने इसे शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को प्रेषित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला संकाय सदस्यों सहित कॉलेज के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष,संकाय सदस्य एवं एनएसयूआई के पदाधिकारी भी सम्मिलित हुए।