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– जनसुनवाई में 149 काश्तकारों की भूमि हुई राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज, 5 साल से लंबित कार्य हुआ 45 मिनट में
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने फिर कमाल करते हुए 5 साल से लंबित कार्य सिर्फ 45 मिनट में निपटारा कर दिया। जनसुनवाई में जैसे ही जिला कलक्टर पंहुचे, तो लूणकरणसर पंचायत समिति के गांव किस्तूरिया एवं सुलेरा के काश्तकार पंहुचे और बताया कि इन गांवों में भू प्रबन्ध का कार्य 2010 में संपन्न हुआ था और 2014 में प्राप्त रिकॉर्ड में किस्तूरिया एवं सुलेरा में रकबा, चकबंदी एवं जमाबंदी दर्ज नहीं होने के कारण हम सभी काश्तकारों को नामान्तकरण यथा विरासतन, रहन, बैयनामा आदि दर्ज नहीं किए जा सके। इसके चलते इन गांवों के काश्तकारों को केसीसी, गिरदावरी, समर्थन मूल्य जैसी किसी तरह की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

प्रभावित काश्तकार नेबताया कि वे पिछले 3-4 साल से परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिला कलक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे प्रकरणों को चिन्हित करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित कर उपखंड न्यायालय से इस बाबत छूटे हुए रकबे को पुन: राजस्व अभिलेख में सम्मिलित करने के आदेश दिए, जिससे बड़ी संख्या में प्रभावित काश्तकारों को राहत मिली।
जैसे ही जिला कलक्टर ने 149 काश्तकारों को उनका 5 वर्ष से लम्बित कार्य होने की सूचना दी, तो काश्तकारों की खुशी का ठिकाना नहीं था। कभी वे उपखंड अधिकारी द्वारा जारी आदेश को देख रहे थे, तो आंखों में जिला कलक्टर के प्रति आभार के भाव लिए उन्हें निहारते हुए अपने दोनों हाथों से अभिवादन कर रहे थे। उन्होंने जिला कलक्टर से कहा कि हमने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने किसानों का कार्य पलक झपकते ही हो जाएगा। अब हम अपनी इस भूमि पर के.सी.सी. ऋण के माध्यम से बेहतर कृषि उत्पाद लेकर अपने आर्थिक स्तर में गुणात्मक सुधार ला सकेंगे साथ ही आमदनी ब? जाने से बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे।