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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। कांग्रेस ने राजस्थान के अपने डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को पद से बर्खास्त कर दिया है। पायलट के साथ उनके दो समर्थक मंत्रियों विश्ववेन्द्र सिंह और रमेश मीणा को भी हटा दिया गया है। यह सवाल भी अब अहम हो गया है कि राजस्थान में बिना पायलट के कांग्रेस का विमान कैसे उडेगा। यह तय है कि पायलट के नहीं होने से कांगे्रेस को भारी नुकसान होने वाला है। प्रदेश की 49 सीटों पर सचिन पायलट का दबदबा है। सचिन पायलट के नहीं रहने से गुर्जर व मीणा के वोट खिसक सकते हैं।
अशोक गहलोत पर अब तक सिर्फ जाट विरोधी होने का ठप्पा रहा है लेकिन अब जाट के साथ गुर्जर व मीणा भी उनके खिलाफ हो सकते हैं। हालांकि एक जाट को ही प्रदेशाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने छवि सुधारने की कोशिश की है लेकिन अभी गोविन्द सिंह डोटासरा के दम पर राजस्थान की दो सौ सीटों पर लडने का भरोसा करना बेमानी है। निसंदेह नए प्रदेशाध्यक्ष में गजब का आकर्षण और जज्बा है लेकिन उन्हें पार्टी स्तर पर व्यवस्था को समझने में वक्त लगेगा। ऐसे में निकाय चुनावों में गहलोत के कंधे से कंधा मिलाकर ही काम करना होगा। कंधा टकराने से स्थिति बिगड सकती है।

अगला कदम क्या
पायलट के हटाए जाने के बाद अब राजनीतिक हलको में यह सवाल उठ रहा हैं कि उनका अगला कदम क्या होगा। पायलट कांग्रेस छोडेंगे या पार्टी उन्हें कांग्रेस से बाहर करेगी। माना जा रहा हैं कि पायलट बुधवार को अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते है।

बड़ा सवाल यह है कि सचिन पायलट क्या करेंगे
अशोक गहलोत के लिए स्थापित मान्यता है कि वे शह-मात के खेल में माहिर हैं, अभी भी लोगों को लग रहा है कि वे बहुमत जितने विधायक तो जुटा ही लेंगे, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सचिन पायलट क्या करेंगे। उनके खेमे के दावा 30 का है। 22 लोग वे अपने साथ बता रहे हैं। फोटो में 18 तो गिने ही जा रहे हैं। मतलब यह कि अगर 18 लोग भी सचिन के साथ हैं और उनमें से अधिकांश कद्दावर हैं तो अब इन सब की जिम्मेदारी सचिन पायलट की है।