बीकानेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस कथन खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया के क्या हालात है। इस नजारा बीकानेर के अनेक खेल मैदानों को देखकर लगाया जा सकता है। जिनकी बदहाली न केवल खिलाडिय़ों पर भारी पड़ रही है। बल्कि सरकार के दावों को भी खोखला साबित कर रही है। बात चाहे पुष्करणा स्टेडियम की करे या बीकानेर केे करणी सिंह स्टेडियम की। इनके हालात देखकर प्रधानमंत्री के सपनों के भारत बिखरता दिख रहा है। करणीसिंह स्टेडियम प्रशासन मौन धारण किए हुए सुविधाओं के नाम पर केवल जनता को गुमराह किया जा रहा है। हालात यह है कि आम आदमी के लिए नियम और कानून की धोंस दिखाने वाले सरकारी कर्मचारी इस पर चुपी साधे सिर्फ टकटकी लगाए देख रहे है।


मूलभूत सुविधाओ को तरसता करणी सिंह स्टेडियम
करणी सिंह स्टेडियम जी हां बीकानेर का एक ऐसा स्टेडियम जहां आजकल खिलाडी और खेल नहीं बल्कि शराबी और शराब दिखाई पड़ती है। बदहाली और बदइंतजामी के कारण आजकल इस स्टेडियम में शराब की बोतले मिलना आम बात सी हो गई सवाल ये कि आखिर इसकी देखरेख करने वाला प्रशासन कहां गायब है। न तो सुरक्षा का कोई इंतजाम है और न ही शराब पीने वालों के लिए कोई रोकटोक। हालात यह है स्टेडियम गंदगी,बदबू और नशे के सामान से अटा पड़ा है। स्टेडियम बदहाली की कगार पर है तो खिलाड़ी भी इसे देखकर बेहाल है। अपनी इस बदहाली पर आंसू बहा रहे स्टेडियम और खिलाडिय़ों पर किसी का ध्यान नहीं। हालात यह है कि स्टेडियम में अभ्यास करने के लिहाज से जगह ही नहीं बची है क्योंकि सुबह अभ्यास से पहले खिलाडिय़ों का सामना शराब की बोतलों से होता है। कई मर्तबा तो शराबी दिन में भी बैठे मिल जाते है। लेकिन स्टेडियम प्रशासन इन पर अपनी आंखे मूंद लेता है। पिछले काफी समय से स्टेडियम नशेडिय़ो और असमाजिक तत्वों का अडडा बना हुआ है। शहर के समीप होने के कारण सुबह काफी संख्या में लोग व्यायाम और टहलने के लिए आते है। स्टेडियम के ये हालात देखकर सुबह आने वाली संख्या में कमी हो गई है। इसके साथ साथ स्टेडियम में बैठने के लिए बनाये गये पैवेलियन और दर्शन दीर्घा भी क्षतिग्रस्त हो गई। मंजर यह है कि कई रैेलिग और गेट भी टूट चुके है।शराबियों के हौसले इतने बुलंद है कि पीने के बाद शराब की बोतले भी वहीं फोड देते है। जिससे कि कांच चारों तरफ फैल जाते है। जो आए यहां अभ्यास करने वाले खिलाडिय़ों के चुभने से खिलाड़ी चोटिल हो रहे है।