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कोरोना को लेकर लोगों में अब इस कदर खौफ समा चुका है कि लोग मानवता भी भूलते जा रहे हैं. बिहार के कटिहार में कोरोना से मौत होने के बाद एक शख्स के शव का लोगों ने अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया जिसके बाद 24 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक शव एंबुलेंस में ही पड़ा रहा.दरअसल कटिहार में एक पति-पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए मधेपुरा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया था. वहां पति की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने भी शव को लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद प्रशासन की तरफ से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई. जब कर्मचारी एंबुलेंस में शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए हवाई अड्डा मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए. स्थानीय लोग अंतिम संस्कार का विरोध करते हुए सड़क जाम कर हंगामा करने लगे.

 

इस दौरान शव 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक एंबुलेंस में ही पड़ा रहा लेकिन किसी ने उसकी तरफ देखा तक नहीं. बारसोई के रहने वाले इस उस शख्स की मौत से पत्नी पहले ही टूट चुकी थी लेकिन परिवार और ग्रामीण का ये व्यवहार उसके लिए किसी सदमे से कम नहीं था. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को मनिहारी घाट भेज दिया गया. बता दें कि बिहार में कोरोना से निपटने की व्यवस्था और संक्रमण को रोकने में नाकामी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले से ही निशाने पर है.