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बीकानेर। हाल ही में करण नाथ, गणेश वेंकटराम और नथालिया कौर अपनी आने वाली फिल्म ‘गन्स ऑफ बनारसÓ के प्रमोशन के लिए बीकानेरआए। बसंंत विहार होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तीनों ने मीडिया के साथ अपने अनुभव साझा किए। करण ने फिल्म के लिए की जाने वाली तैयारियों के बारे में बताया, ‘अपने किरदार के लिए तैयार होने के लिए मैं और गणेश बनारस के सबसे सस्ते होटल में रुके और बनारस के लगभग हर स्थान की गहन जानकारी ली। हमने वहां के लोगों से बातचीत की कि वे आमजीवन में कैसे व्यवहार करते हैं। इस दौरान हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।Óगणेश ने फिल्म उद्योग में अपने अनुभव के बारे में कहा, ‘इससे पहले मैंने टीवी और दक्षिण फिल्म उद्योग में काम किया है। यहां हर अभिनेता का बॉलीवुड में डेब्यू करने का सपना होता है। एक फिल्म में मैंने अमिताभ बच्चन के बेटे के रूप में काम किया था और उनसे बहुत कुछ सीखा। उन्होंने मुझसे कहा कि मंच और भाषा एक अभिनेता के लिए कभी सीमित नहीं होनी चाहिए। मैंने उनकी सलाह का पालन किया। करन नाथ ने बताया फिल्म में एक्टिंग करना बड़ा ही कठिन काम साबित हो रहा था क्योंकि फिल्म पूरी तरीके से उत्तर प्रदेश की बोली, भाषा, रहन सहन संस्कृति पर आधारित फिल्म है।Óनथालिया ने फिल्म करते समय आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया, ‘मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती हिंदी सीखने की रही थी। मेरी मातृभाषा पुर्तगाली है, जबकि मैं एक पंजाबी लड़की बनी हूं, इसलिए मुझे बनारस में रहकर लैंग्वेज सीखना पड़ा और लोगों के साथ बातचीत करनी पड़ी। Óबता दें कि 28 फरवरी 2020 को रिलीज होने जा रही ‘गन्स ऑफ बनारसÓ एक एक्शन फिल्म है। शेखर सूरी द्वारा निर्देशित और दशाका सिनेमा कंपनी के बैनर तले अशोक मुंशी और शाइना नाथ तलदार द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित इस फिल्म को दशका फिल्म्स और एजे मीडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में करण नाथ,नथालिया कौर, अभिमन्यु शेखर सिंह, गणेश वेंकटरमन, जरीना वहाब, शिल्पा शिरोडकर, अभिमन्यु सिंह, मोहन अगाशे, तेज सप्रुजैसे कलाकार हैं। वहीं विनोद खन्ना फि़ल्म में पिता का रोल अदा किया है। 2 घंटे 12 मिनट की इस फिल्म को शेखर सूरी ने निर्देशित किया है। पत्रकार वार्ता में रवि सोनी व अशोक धारणिया भी मौजूद रहे।
विनोद खन्ना को किया याद
इस फिल्म में वह करण के पिता का रोल में करण ने विनोद खन्ना के साथ किए काम को लेकर कहा कि मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है कि मैंने उनके साथ काम किया। मेरे लिए यह खूबसूरत और इमोशनल एक्सपीरिएंस है। मैं भगवान के प्रति शुक्रगुजार हूं। मैं इस फिल्म में उनके बेटे का रोल निभा रहा हूं। मेरे लिए उनके साथ काम करना एक सपना पूरा होने जैसा है। अब वह हमारे बीच नहीं हैं तो मैं उन्हें काफी मिस कर रहा हूं।अक्सर उनके साथ की गई बातों को याद करता हूं। उन्होंने मुझे जिंदगी के बारे में काफी कुछ सिखाया है। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं और हमेशा रहूंगा।
संघर्ष का दौर,फिर भी विश्वास
एक बाल कलाकार के तौर पर फिल्म मि. इंडिया में अपना कमाल दिखा चुके करण का मानना है कि वर्तमान में सिनेमा दौर जरूर संघर्षों से गुजर रहा है और सोशल मीडिया ने सिनेमाघरों तक आम दर्शक की दूरी को जरूर कम कर दिया है। लेकिन हमारी ये फिल्म जरूर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खीचने का काम करेगी।