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नई दिल्ली। गरीबों को कम बजट में आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्सेज योजना की शुरुआत की थी। इस योजना को केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंजूरी मिल गई है। ऐसे में अब इस योजना का लाभ गरीब लोगों को मिल सकेगा। बता दें कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत सरकार ने इस योजना का ऐलान किया था। इस योजना के जरिए शहरी इलाकों में गरीब और मजदूरों को कम बजट में किराये के घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए आवासीय परिसरों को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्सेज में तब्दील किया जाएगा। बता दें कि इस योजना के अंतर्गत सरकार ने गरीबों को सस्ते में किराये के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केंद्र सरकार की फंडिंग से तैयार किए गए खाली आवासीय परिसरों को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्सेज में बदला जाएगा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत इस योजना में पानी की सुविधा, सीवर, सैनिटेशन, रोड और अन्य कार्य भी किए जाएंगे। इस योजना के तहत 25 सालों का कंसेशन अग्रीमेंट किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से करीब 3.5 लाख मजदूरों को फायदा होने वाला है। लाखों मजदूरों को कम दर पर किराये के मकान मिलने से राहत मिलेगी। सबसे अच्छी बात है कि इन आवासों को सरकार के मुताबिक इन आवासों को कार्यस्थल के निकट ही तैयार किया जाएगा। इससे मजदूरों को यात्रा से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही उनके खर्च में भी कमी आएगी। राज्य सरकारें की ओर से परिसरों के विकास के लिए एजेंसियों को चुना जाएगा। इसके तहत 25 साल का अग्रीमेंट होगा। इसके बाद उसे स्थानीय निकाय को सौंप दिया जाएगा या फिर भविष्य में उसके इस्तेमाल को लेकर फैसला लिया जाएगा। इसमें कंपनियों को टैक्स में राहत भी मिलेगी।