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जयपुर। प्रदेश में चल रहे सियासी संकट के बीच अब गहलोत सरकार पॉलिटिकल टूरिज्म पर है। पिछले 15 दिनों से बाड़ाबंदी में रह रहे विधायकों को शुक्रवार को जैसलमेर शिफ्ट कर दिया गया। चार्टर प्लेन के जरिए दो राउंड में 89 विधायकों को जैसलमेर के सूर्यागढ़ रिसोर्ट में शिफ्ट किया गया है। जिन 89 विधायकों को जैसलमेर भेजा गया है उनमें कई मंत्रिमंडल के सदस्य भी हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी विधायकों के साथ जैसलमेर पहुंचे। पहले राउंड में 53 और दूसरे फेरे में 36 विधायक जैससलेर पहुंचे। हालांकि इनके साथ प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरेजवाला, अजय माकन और सह प्रभारी विवेक बंसल भी रिसोर्ट पहुंचे है। हालांकि कई विधायक ऐसे हैं भी हैं जो आज नहीं जा पाए, इन विधायकों को शनिवार को भेजा जाएगा। वहीं गहलोत सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों को जयपुर रुकने के ही निर्देश दिए गए हैं। अब विधायक 13 अगस्त तक जैसलमेर में ही रहेंगे वहीं होटल फेयर माउंट में विधायकों की जैसलमेर शिफ्टिंग से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें एक बार फिर से विधायकों को एकजुटता पाठ पढ़ाया गया। सूत्रों की माने तो जैसलमेर में बाड़ाबंदी की कमान कैबिनेट मंत्री और जैसलमेर-बाड़मेर के कद्दावर नेता सालेह मोहम्मद और उनके परिवार के लोगों के हाथों में रहेगी। सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर का सीमावर्ती जिलों में खासा प्रभुत्व माना जाता है कि पांच दिन पूर्व ही गाजी फकीर ने होटल फेयर माउंट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लंबी मुलाकात की थी। बताया जा रहा है गाजी फकीर ने ही मुख्यमंत्री को विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट करने का सुझाव दिया था। यहीं वजह है कि आज कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद को सबसे पहले जैसलमेर भेजा गया था।

ये मंत्री नहीं गए जैसलमेर
मंत्रियों की बात की जाए तो मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, मंत्री रघु शर्मा, मंत्री अशोक चांदना, मंत्री लालचंद कटारिया, मंत्री सुभाष गर्ग और मंत्री उदयलाल आंजना जैसलमेर नहीं गए हैं। वहीं, जैसलमेर नहीं जाने वाले मंत्रियों में मास्टर भंवरलाल का भी नाम शामिल है, लेकिन वह लंबे समय से गुडग़ांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में 4 मंत्री ऐसे हैं, जो इस बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे हैं। हालांकि मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और रघु शर्मा विधायकों को छोडऩे एयरपोर्ट पहुंचे थे।