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बीकानेर। राजस्थान के राज्य पशु तथा रेगिस्तानी जहाज के रूप में जग प्रसिद्ध ऊंट का 27 वां उत्सव 11-12 जनवरी को डॉ.करणी सिंह स्टेडियम में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों,ऊंट की उपयोगिता व महत्व को उजागर करने वाले कार्यक्रमों का आगाज गुरूवार को हुआ। सहायक पर्यटन अधिकारी पवन कुमार शर्मा की अगुवाई में चंग की धमाल पर रौबिलों ने ऊंट उत्सव के लिये गली गली आमत्रंण देते हुए पीले चावल बांटे। शहर के नत्थूसर गेट से शुरू हुआ यह काफीला बारहगुवाड़,दम्माणी चौक,मोहता चौक आदि में चंग बजाते रौबिलों ने पर्यटन विभाग की ओर से पीले चावल देकर ऊंट उत्सव में आने का न्यौता दिया। साथ ही कॉलेजी विद्यार्थियों और आमजन को पेम्पलेट भी बांटकर उत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि उत्सव का आगाज 11 जनवरी को दोपहर साढ़े ग्यारह बजे शोभायात्रा से होगा। शोभायात्रा में संजे संवरे ऊंट, ऊंट की उपयोगिता, विशिष्टता को दर्शाया जाएगा । वहीं कलाकार और बीकानेरी रोबीले पारम्परिक वेशभूषा में तथा सजे संवेरे ऊंट, घोड़े व बग्गी आदि शामिल होंगे।

 

शोभायात्रा जूनागढ़ के आगे से रवाना होकर डॉ.करणीसिंह स्टेडियम पहुंचेंगी। स्टेडियम में भी रेगिस्तान जहाज की विशेषताओं को को दर्शाया जाएगा। उत्सव का आगाज दोपहर साढ़े बारह बजे से होगा। आर्मी का बैग पाइपर बैंड गीतों की स्वर लहरियां बिखेरेगा। उसके बाद ऊंट श्रृंगार, ऊंट बाल कतराई, ऊंट नृत्य, मिस मरवण और मिस्टर बीकाणा की प्रतियोगिताएं दोपहर एक बजे से शाम साढ़े चार बजे तक होगी। उत्सव के प्रथम दिन सुबह आठ बजे से दस बजे तक पर्यटकों के लिए रायसर के रेतीले टीलों पर नि:शुल्क सफारी का आयोजन किया जाएगा व डॉ.करणी सिंह स्टेडियम में शाम साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक लोककला, लोक संस्कृति से ओत प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्थान एवं विभिन्न अ ंचलों के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। उत्सव के दूसरे दिन 12 जनवरी को उत्सव के कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह दस बजे हैरिटेज वाक से होगा।

 

 

हैरिटेज वाक रामपुरिया हवेली से राव बीकाजी की टेकरी (लक्ष्मीनाथ मंदिर) के पास पहुंचेगी। डॉ.करणी सिंह स्टेडियम में दोपहर बारह बजे से शाम साढ़े चार बजे तक देशी-विदेशी पर्यटकों की पुरुष व महिला रस्साकशी, ग्रामीण कुश्ती, कबड्डी, विदेशी पर्यटकों की साफा बांधने की प्रतियोगिता होगी। इसी दिन ऊंट नृत्य, महिला मटका दौड़ व म्यूजिकल प्रतियोगिता होगी। शाम साढ़े छह बजे से आठ बजे तक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, रात साढ़े आठ बजे धधकते अंगारों पर अग्नि नृत्य व उसके बाद आतिशबाजी होगी। डॉ.करणी सिंह स्टेडियम में ऊंट के फर, ऊंटनी के दूध के उत्पादों यथा चाय, कुल्फी आदि की स्टॉल लगाई जाएगी।
रायसर में कैमल सफारी
ऊंट उत्सव के पहले दिन 11 जनवरी को देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए गांव रायसर में कैमल सफारी एवं कैमल राइडिंग का आयोजन होगा। यह आयोजन सुबह 8 से सुबह 10 बजे तक रहेगा। पर्यटन स्वागत केंद्र पर पर्यटकों को गांव रायसर ले जाने के लिए बस उपलब्ध करवाई जाएगी।
होगी ऊंट व अश्व दौड़
दो दिवसीय ऊंट उत्सव के दौरान दूसरे दिन ऊंट व अश्व दौड़ आकर्षण का केन्द्र होगी। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र में 11 बजे से 12.30 बजे तक ऊंट दौड़ आयोजित होगी। इसके बाद राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र में अश्वों की दौड़,विभिन्न अश्व नस्लों का प्रदर्शन,विक्टोरिया बग्गी सवारी,तांगा सवारी,घुडसवारी,विभिन्न झूलों के उपयोग जैसे आयोजन भी होंगे।
सजेगा सूरसागर
इस दौरान सूरसागर में लाइट एंड साउण्ड सिस्टम लगाया जाएगा। ताकि देशी व विदेशी पर्यटक सूरसागर की आभा को देख सके।