जोधपुर। लम्बी दूरी तक ठहराव नहीं होने से यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई हमसफर ट्रेनें खाली ही दौड़ रही है। रेलवे को इन ट्रेनों से राजस्व नहीं मिल पा रहा और बीच में पडऩे वाले स्टेशनों के यात्रियों को रेल की सुविधा। हालत यह है कि पिछले एक साल में श्रीगंगानगर से तिरुचिरापल्ली तक चलने वाली ट्रेन को जोधपुर से बीकानेर के बीच हर फेरे में औसतन चार यात्री ही मिले।

इसी तरह जोधपुर के भगत की कोठी से ताम्बरम (तिरुपति) के बीच चलने वाली हमसफर ट्रेन के हर फेरे में जयपुर से जोधपुर के लिए सिर्फ 65 यात्री मिले, जबकि नियमित ट्रेनों में जयपुर तक जमकर यात्री भार मिलता है। ट्रेन के खाली रहने का कारण जोधपुर से चलकर सीधे जयपुर ही रुकना है और तिरुचिरापल्ली वाली ट्रेन का सीधा बीकानेर ठहराव है। बीच के किसी महत्वपूर्ण स्टेशन से कोई ट्रेन में चढऩा भी चाहे तो ठहराव नहीं होने के कारण उसे यात्रा की सुविधा नहीं मिल सकती।सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत चैन्नई रेल मंडल से हासिल सूचना में इस तथ्य का खुलासा हुआ है।रेलवे ने बताया है कि गाड़ी संख्या 22498 तिरुचिरापल्ली-श्रीगंगानगर ट्रेन में जोधपुर से बीकानेर तक 52 फेरों में केवल 187 यात्री चढ़े। वही जोधपुर से सूरतगढ़ 84, हनुमानगढ़ 86 व श्रीगंगानगर 321 यात्रियों ने यात्रा की। इसी तरह गाड़ी संख्या 14816 ताम्बरम-भगत की कोठी में पूरे साल 52 फेरों में जयपुर तक 3423 यात्रियों ने यात्रा की यानी प्रति फेरा 65 यात्री।
अनवरत 277 किमी सफर
आरटीआइ कार्यकर्ता डीडी बंग को दिए आरटीआइ ब्यौरे में रेलवे ने माना कि श्रीगंगानगर से तिरुचिरापल्ली तक 3125 किमी का सफर करने वाली हमसफ र ट्रेन देशभर में हर 85 किमी पर रुकती है, लेकिन जोधपुर से बीकानेर के 277 किमी लम्बे रास्ते में कोई ठहराव नहीं है। ट्रेन बीकानेर से चलकर सीधे 181 किमी दूर सूरतगढ़ रुकती है। अन्य राज्यों की तुलना में यह गाड़ी राजस्थान में औसतन 120 किमी पर ठहराव करती है, वही गुजरात में हर 53 किमी, महाराष्ट्र में 65 किमी, कर्नाटक में 74 किमी व तमिलनाडु में 40 किमी पर ठहराव है।
ताम्बरम लगातर दौड़ती है
315 किमी भगत की कोठी-ताम्बरम हमसफर हर फेरे में 2504 किमी चलती है। राजस्थान में इसका 175 किमी पर तो मध्यप्रदेश में हर 77 किमी पर ठहराव है, लेकिन जोधपुर से जयपुर की 315 किमी की दूरी पर ट्रेन लगातार दौड़ती है।