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खुलासा न्यूज़, जोधपुर। गत 21 जून को तथाकथित फर्जी आईएएस अधिकारी को पकडऩे के बाद उससे बरामद चार लाख रुपये की राशि में से तीन लाख रुपये कम लौटाने के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की पकड़ में आए रातानाडा के पूर्व सीआइ भूपेंद्रसिंह की जमानत याचिका गुरुवार को खारिज हो गई।

आरोपी की ओर से कहा कि एक आरोपी की झूठी शिकायत पर एसीडी ने मामला बनाया है ,आरोपी बेकसूर है। सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक एनके सांखला ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर भ्रष्टाचार का संगीन आरोप लगा है उसने गलत तरीके से राशि बरामद की तथा उसे दर्ज नहीं करते हुए खुर्द बुर्द करने का प्रयास किया है, मामले सह अभियुक्त इसी थाने का एक एएसाआइ अभी फरार चल रहा लिहाजा जमानत देने से आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद भ्रष्टाचार मामलात की विशेष अदालत के न्यायाधीश दीपककुमार ने जमानत खारिज कर दी। गौरतलब है कि एसीबी ने 21जून को पकड़े गए एक आरोपी से बरामद चार लाख में से एक लाख रुपए वापस करते हुए थानाधिकारी को पकड़ लिया था,शहर में कुछ दिन पूर्व पकड़े गए एक फर्जी आईएएस अधिकारी के घर से बरामद चार लाख रुपए रातानाड़ा थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने अपने पास रख लिए थे। प्रार्थी द्वारा रूपये वापस मांगने पर थानाधिकारी दो लाख रुपए ही वापस करने पर सहमत हुआ। इस बीच एक लाख रुपए वापस करते हुए एसीबी ने पकड़ लिया था। एसीबी ने आरोपी सीआइ को चार दिन की रिमांड अवधि खत्म होने पर बुधवार को ही कोर्ट में पेश किया था जहाँ उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था हालाकि एसीबी आरोपी से तीन लाख रुपये बरामद नहीं कर पाई थी। एसीबी की कार्रवाई के बाद गत 21 जून को थाने से गायब होने वाले उप निरीक्षक गणपतलाल का एसीबी को सुराग नहीं लगा है। एसीबी का कहना है कि एसआइ के समर्पण करने के बात सामने आ रही है, लेकिन फिलहाल वो सामने नहीं आया है।