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बीकानेर। जिले के लूणकरणसर तहसील में हिरणों के शिकार का मामला अब तक शांत नहीं हुआ है। इस मामले को लेकर आरोपी वन विभाग के अधिकारी मनरूप सिंह के निलंबन को वापस लेने के खफा विश्नोई समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि 23 फरवरी तक सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो जीव प्रेमी सरकार और समाज के ठेकेदारों से मुकाबला जम्भेश्वर भगवान की पवित्र धरती पर करेंगे। जीव प्रेमी राकेश विश्नोई ने आरोप लगाया कि वन मंत्री सुखराम विश्नोई के इशारे पर सरकार ने मनरूप को बहाल कर दिया। जबकि इस मामले में न तो अब तक जांच हुई है और न ही कोई कार्यवाही। ऐसे में सरकार द्वारा मनरूप की बहाली अपने आप में सवालों के घेरे में है। राकेश विश्नोई ने आरोप लगाया कि डीएफओ जोरा और मनरूप सिंह पूरे वन विभाग में अवैध कार्य करते है और जीव हत्या के साथ साथ ,पर्यावरण की कटाई और अवैध जिप्सम जालौर और सांचोर तक मंत्रियों के प्लांट तक कि जा रही है इसलिए सैकड़ो शिकायतों के बाद सरकार और मंत्री आमजन की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। ऐसी हरकत के बाद भी बिश्नोई समाज के ठेकेदार अमावस्या के मेले पर मुख्यमंत्री को और वनमंत्री को मेले में फीता कटवाने के लिए निमंत्रण दिया है। जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।
ये है मामला
2 फरवरी लूणकरणसर मामले में मनरूप सिंह को निलंबन किया गया था। उस पर 40 जीवों की हत्या और लगभग हजारों पेड़ो की अवैध कटाई करवाकर छतरगढ़ में लकड़ी बेचने का आरोप लगाया गया। जिसके बाद बीकानेर कलेक्टर ने मनरूप सिंह को निलंबित कर एक 6 सदस्य कमेटी बनाकर उसकी जांच दो बड़े अधिकारियों को दे दी।