बीकानेर। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं ईश्वरचंद बैद ने जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गलतोत, ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला एवं वित्त सचिव निरंजन आर्य को नए उद्योगों के लिये जारी छूटों हेतु धन्यवाद देते हुए पुराने उद्योगों को भी प्रतिस्पर्धा में टिके रहने हेतु लाभ देने का निवेदन किया और कृषि आधारित उद्योग के विकास हेतु अन्य प्रांतों से आयातित कच्चे माल पर लागू मंडी शुल्क में भूतलक्षी प्रभाव से छूट प्रदान करवाने बाबत ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में बताया कि राजस्थान उत्पाद कृषि मंडी एक्ट, 1961 के अंतर्गत कृषि आधारित उधोगों को कच्चा माल उपलब्ध करवाने हेतु अन्य राज्यों से आयातित कृषि जिंसों की धारा 58(4) के तहत दोहरे मंडी शुल्क से छूट प्राप्त थी 7 विगत 27 अप्रेल 2005 से राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा 58(4) को विलोपित करते हुए यह छूट समाप्त कर दी। जिसके कारण राज्य के बाहर से कृषि उत्पाद आयात करने पर राज्य के कृषि आधारित उद्योगों को पुन: दूसरी बार 1.60 प्रतिशत कि दर से मंडी शुल्क देय हो गया इस कारण अधिक लागत आने से राज्य का कृषि आधारित उधोग अन्य राज्यों की प्रतिस्पर्धा में पिछड़ गया जबकि अन्य कई राज्यों में कृषि उत्पाद आयात कर प्रसंस्करण करने पर मंडी शुल्क से छूट प्राप्त है । जिससे ऊधमी वर्ग व्यथित होकर उच्च न्यायालयों में याचिकाएं दायर की गयी, जिसके तहत उच्च न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण पर स्थगन आदेश भी जारी किया गया, जो वर्तमान में प्रभावी है 7 अत: धारा 40(ए) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्य में स्थापित कृषि उधोगों को एक बार क्रय की गयी वस्तु पर दो बार मंडी शुल्क ना चुकाना पड़े, इसलिए उधोगों को कच्चे माल को अन्य राज्यों से आयात करने पर देय मंडी शुल्क में भूतलक्षी प्रभाव से मुक्ति प्रदान करवाई जाए।