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जयपुर। विधायक सचिन पायलट गुट की याचिका पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय से आदेश आने का इंतजार हो रहा है, लेकिन उच्च न्यायालय की ओर से सुनवाई के लिए जारी सूची में मामले को एडमिशन विथ नोटिस सर्व, रिप्लाइ नॉट फाइल श्रेणी में रखा है। मंगलवार की सुनवाई के बाद सचिन पायलट ग्रुप की ओर से बुधवार को भारत सरकार को पक्षकार बनाने का प्रार्थना पत्र भी पेश किया गया, ऐसे में इस पर भी शुक्रवार को सुनवाई की संभावना है। इन परिस्थितियों में फैसला आने की संभावना कुछ कम हो गई है। सचिन पायलट गुट के विधायक पीआर मीना एवं अन्य 18 विधायकों की याचिका पर उच्च न्यायालय ने 21 जुलाई को सुनवाई पूरी कर आदेश के लिए मामला 24 जुलाई को रखा था। इसी के साथ विधानसभा अध्यक्ष से सचिन पायलट ग्रुप के विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया था। बुधवार को पायलट ग्रुप की ओर से प्रार्थना पत्र दायर किया गया जिसमें कहा गया कि मामले में भारत सरकार भी एक आवश्यक पार्टी है ऐसे में भारत सरकार को पक्षकार बनाया जाना चाहिए। इसी के साथ 21 जुलाई को तीन अन्य को भी पक्षकार बनाया था। ऐसे में अब मामला शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ में सूचीबद्ध है पूरे देश की नजर मामले पर है कि न्यायालय पहले प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करता है या अब तक हुई सुनवाई के आधार पर फैसला सुनाता है।