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शिव भादाणी
बीकानेर। जहां एक तरफ देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है तो वहीं सट्टेबाजों ने इसको अपना व्यवसाय बना लिया है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि बीकानेर शहर में कुछ नामी सट्टेबाजों ने कोरोना के पॉजिटिव केस आने पर भी सट्टा लगाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है एक दिन में कितने कोरोना के पॉजिटिव मरीज आएंगेंइसको लेकर सट्टेबाजों ने अपनी लाइन खोल रखी है,जहां रोजाना लाखों रुपये का सट्टा उतरता है। जानकरी के अनुसार शहर व शहर के बाहर रहने वाले कुछ नामी सट्टेबाजों ने अपने कोड वर्ड व आईडी बनाकर कोरोना के मरीजों पर सट्टा लिखते है। बताया जा रहा है कि सुबह 9 बजे सट्टेबाज सक्रिय हो जाते है कि और पेंटरो को सौदे के लिए आंकड़े देते है कि आज कितने पॉजिटिव आयेंगे। इसी आंकड़ों पर करोड़ों रुपये का सट्टा 2 बजे से पहले उतर जाता है। पेंटरों के पास कभी कभी ये पुख्ता रिपोर्ट होती है कि आज कितने पॉजिटिव मरीज आएंगें। जब इसके बारे में इधर-उधर से जानकारी ली गई तो पता चला कि परकोटे के अंदर व सार्दुल सर्किल के गंगाशहर व अन्य क्षेत्र में रहने वाले सट्टेबाजों ने अपना जाल इस तरह से फैला रखा है कि पुलिस इन तक नहीं पहुंचे इसलिए सभी काम कोड वर्ड में होता है। सभी अपने मोबाइल से वाटसएप कॉल करते है जो रिकॉर्ड नहीं होती है उसी कॉल पर सट्टा लिखा जा रहा है। खुलासा ने अपने सूत्रों से पता किया तो सामने आया कि सट्टेबाजों की ओर से दिये जाने वाले भावों के आधार पर ही पॉजिटिव केस आ रहे है। जिसको देखकर लगता है कि इस खेल में बड़ी मछलियों लिप्त है जो अंदर से ये जानकारी सट्टेबाजों को उपलब्ध करवा रही है। कुछ लोग तो ऐसे ही जो सुबह ही बता देते है कि आज दिनभर में कितने पॉजिटिव मरीज आएंगे।
पेंटरों को देते है बार- बार भाव
सट्टेबाजों के द्वारा अपने अपने पेंटरों को बार बार भाव देते है जिससे उनके एक पेंटरों कई बार अपनी कलम उतरे जिससे सट्टेबाज को साफ साफ फायदा होता हो।
सभी काम आईडी व वाटसएप कॉल से
सट्टेबाजों द्वारा अपने पेंटरों के लिए एक आईडी बनाकर देते है जिसमें वह सौदा उतार सकता है और पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए वाटसएप कॉल करते है। जिससे की पुलिस उन तक नहीं पहुंच सके।