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बीकानेर। अभय कमांड सेंटर से निगरानी के लिए शहर के प्रमुख चौराहों-रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, लेकिन सबसे व्यस्त केईएम रोड पर एक भी कैमरा नहीं है, जहां सबसे ज्यादा जरूरत है।
शहर के व्यस्ततम और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केईएम रोड पर ज्वैलरी की कई दुकानें हैं, जो चोरों के निशाने पर रहती हैं। अभय कमांड सेंटर से चौकसी के लिए शहर में 50 से ज्यादा कैमरे लगे हैं। शार्दुलसिंह सर्किल पर भी कैमरे लगाए गए, लेकिन उसके बाद केईएम रोड से कोटगेट तक कैमरा नहीं है। व्यावसायियों ने अपनी-अपनी दुकानों में निजी कैमरे लगा रखे हैं। रोड पर एक भी कैमरा नहीं होने से आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले कब, कहां से आए और किस तरफ गए, इसका पता नहीं चल पाता। रविवार की रात को राज ज्वैलर्स में हुई लाखों की चोरी में भी ऐसा ही हुआ। दुकान के सीसीटीवी कैमरे बंद थे। पूरे रोड पर एक भी कैमरा नहीं होने से पुलिस को चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। जांच अधिकारी एसआई चन्द्रभान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज नहीं होने से चोरों की खोजबीन में दिक्कत आ रही है। पुलिस अब दूसरे तरीकों से चोरों का सुराग लगाने में जुटी है।
पुलिस की नाइट गश्त पर भी सवाल
कोटगेट थाने की नाक के नीचे है केईएम रोड। देर रात तक लोगों का आना-जाना रहता है। पुलिस गाडिय़ों की गश्त और पुलिस कर्मियों का भी इस रोड से गुजरना होता है। ऐसे में चोरों का ज्वैलरी की दुकान के ताले तोड़कर सेंधमारी करना, आंख से काजल चुरा ले जाना है। चोरी की इस वारदात से पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और मुस्तैदी पर सवाल खड़े हो गए हैं।