>



खुलासा न्यूज़, जयपुर। सरपंच के साथ प्रधान और प्रमुख के चुनाव नहीं कराने को लेकर भाजपा राजस्थान सरकार पर लगातार जुबानी हमला बोल रही है। लेकिन अब उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भी दोनों चुनाव एक साथ कराने की बात कहकर मामले को नया मोड दे दिया है। प्रदेशाध्यक्ष के रूप में छह साल पूरे होने पर मंगलवार को पीसीसी में पायलट ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था जिसका सभी सम्मान करते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि जब वो मतदाता सूची और वो ही मतपेटियां हैं तो हम सरपंच के साथ-साथ हम प्रधान-प्रमुख का चुनाव भी करा सकते थे। पायलट ने कहा कि मैंने पहली बार देखा जब जिला परिषद पंचायत समिति और सरपंचों के चुनाव हुए अलग-अलग हुए हैं। पायलट ने कहा कि आयोग को निष्पक्ष रुप से जिम्मेदारी निभानी चाहिए। निर्वाचन आयोग का काम समय पर चुनाव करवाना है। प्रदेश में आचार संहिता के चलते परिसीमन के कार्य में देरी हुई। सुप्रीम कोर्ट चुनाव में कभी बाधा नहीं बना, मैंने निर्वाचन आयोग को भी पत्र लिखा था। सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं निकाय चुनाव को लेकर कहा कि कोटा, जयपुर और जोधपुर के निगम चुनाव भी समय पर नहीं हुए। लेकिन जनता की भावना के अनुसार चुनाव समय पर ही होने चाहिए और पार्टी अध्यक्ष होने के नाते ये तय किया जाएगा कि चुनाव समय पर हो

तालमेल बनाएगी कमेटी
कांग्रेस शासित राज्यों में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए बनाई गई समन्वय समिति को लेकर पायलट ने कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान ही नहीं बल्कि कांग्रेस शासित तमाम राज्यों में कमेटियां बनाई हैं। यह कमेटी सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बनाएगी, जिससे राज्य में काम और बेहतर तरीके से हो सकेंगे ।