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जयपुर। राजस्थान में सियासी घमासान के बीच कांग्रेस पार्टी ने रविवार अचानक शाम को अपनी रणनीति में बदलाव कर लिया है। कांग्रेस अब राजस्थान के राजभवन के बाहर सोमवार को कोई प्रदर्शन नहीं करेगी, हालांकि देश भर के राजभवनों के सामने प्रदर्शन कार्यक्रम किया जाएगा। उधर राज्य मंत्रिमंडल ने राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब सहित संशोधित प्रस्ताव राजभवन में भेज दिया है और 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। माना जा रहा है कि राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से शाम को मुख्य सचिव और डीजीपी को बुलाए जाने के बाद यह रणनीति में बदलाव कर लिया गया और राजभवन से सीधे टकराव को टाल दिया गया। देश के सभी राज्यों में आज राजभवन का घेराव- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर कहा कि कल स्पीक फॉर डेमोक्रेसी कैंपेन के तहत कांग्रेसी देश की सभी राज्यों में राजभवन के सामने प्रदर्शन करेंगे, लेकिन हम राजस्थान में ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे। हमने राज्यपाल को कैबिनेट का रिवाइज्ड नोट भेज दिया है और उम्मीद करते हैं कि वे जल्द सत्र आहूत करने की स्वीकृति देंगे। राजस्थान में ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे।हमने महामहिम को कैबिनेट का रिवाइज्ड नोट भेज दिया है और उम्मीद करते हैं कि वे जल्द सत्र आहूत करने की स्वीकृति देंगे। गौरतलब है कि विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों ने राजभवन में सांकेतिक धरना दिया था। कांग्रेस सरकार का कहना है कि कैबिनेट के प्रस्ताव के बावजूद राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुला रहे हैं जबकि राजभवन का कहना था कि प्रस्ताव में सत्र बुलाए जाने के कारणों का कोई उल्लेख नहीं था। जिसके बाद से ही राजभवन और गहलोत सरकार में तनातनी बनी हुई है।