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बीकानेर संभाग। आधुनिक शिक्षा में पहिए लगाकर दौड़ रही है लेकिन हमारी शिक्षा नीति अभी भी कछुआ चाल से चल रही है। शिक्षा नीति में बदलाव नहीं होने से विद्यार्थी आगे नहीं बढ़ पा रहे है। विद्यार्थी शिक्षा नीति को बदलाव करने की मांग चाहते है लेकिन पता नहीं सरकार की क्या मजबुरी है कि इस ढांचे में जरा भी बदलाव नहीं कर पा रही है।

इस बीच श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ जिले में स्थित सूरतगढ़ पीजी कॉलेज के छात्र अध्यापक हरीश सारण ने राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर महाविद्यालय में अनियमितता बरतने के आरोप लगाते हुए 2 सितम्बर से कॉलेज के समक्ष आमरण अनशन पर बैठेंगे। हरीश ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार सभी बच्चों को शिक्षित करना चाहती है तो दूसरी तरफ कॉलेज में अनियमितता लगातार बरती जा रही है फिर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक आमरण अनशन समाप्त नहीं करूंगा। इस मामले को लेकर हरीश सारण ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल से भी बातचीत की। मंत्री मेघवाल व विधायक बेनीवाल ने हरीश को पूरा विश्वास दिलाया कि हम आपकी लड़ाई को सदन में रखेंगे और अनियमितताबरतने वाली कॉलेज की मान्यता रद्द करवाएंगे।