– कोर्ट के डंडे ने तोड़ी आराम की चारपाई
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। अब राजे को जयपुर में सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगाल संख्या 13 खाली करना पड़ेगा। 4 सितम्बर को जोधपुर स्थित हाईकोर्ट के जज प्रकाश चंद गुप्ता ने राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन अधिनियम 2017 को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को मिलने वाली सुविधाओं को सुप्रीम कोर्ट के आदेश में देखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में आदेश दे रखा है कि पूर्व मुख्यमंत्री आजीवन सुविधा लेने के हकदार नहीं है। ऐसे में राजस्थान में भी किसी पूर्व मुख्यमंत्री को सरकारी बंगला और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी सिविल लाइंस स्थित बंगला संख्या 13 खाली करना पड़ेगा तथा सरकारी सुविधाएं भी लौटानी पड़ेगी।